जगदलपुर- बस्तर में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर प्रवास के दौरान लालबाग़ में लगाई गई बस्तर दशहरा के रस्मो की प्रतीकात्मक प्रदर्शनी में काछनदेवी के रूप में किसी और नाबालिक से राष्ट्रपति को मिलाने के बाद पनका समाज मे काफी नाराजगी है. नाराजगी इतनी बढ़ गई है कि अब उन्होंने आने वाले सालों में इस रस्म में शामिल नहीं होने की चेतावनी दे दी है. पनका समाज के मुख्य पुजारी और अन्य प्रतिनिधियों ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है. इस वर्ष दशहरा पर्व के दौरान प्रशासन और संबंधित व्यवस्थाओं में भारी अनियमितताएं और पक्षपात किया गया है.

पनका समाज के मुख्य पुजारी गणेश दास ने बताया कि एसडीएम द्वारा मुरिया दरबार में जाने के लिए पास बनाकर दिए गए थे, लेकिन उन पासों में तय नामों को काट दिया गया और निर्धारित स्थानों पर दूसरी जाति की लड़की व पुजारी को खड़ाकर महामहिम राष्ट्रपति महोदया से मुलाकात कराई गई. पनका समाज ने कहा कि रथ परिक्रमा के दिन से ही विवाद और झड़प की स्थिति बनी रही. जिससे पूरा समाज मानसिक रूप से आहत हुआ है. सबसे दु:खद बात यह रही कि इतनी गंभीर घटनाओं के बाद भी प्रशासन का कोई भी अधिकारी सुध लेने या स्थिति स्पष्ट करने नहीं आया. समाज की ओर से बताया गया कि काछन गादी कांटो का झूला ठंडा करने का समय शनिवार को दोपहर 2 बजे का था. लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई सुध नहीं ली गई और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी दी गई है. इस साल दशहरा पर्व में रस्म पूरी हुई है. इस साल तो सभी रस्म निभा रहे हैं. आने वाले साल में पनका समाज इस रस्म को नहीं करेगा. और ना ही देवी बिठाई जाएगी. जिस लड़की को राष्ट्रपति के सामने प्रशासन ने खड़ा किया था. उसी के परिवार आएं और इस रस्म को पूरा करें. जब तक उस कन्या को समाज के सामने नही लाया जायेगा. और उसका कारण नहीं बताया जाएगा. तब विरोध रहेगा. उस नाबालिक कन्या से कोई द्वेष नहीं है. उसके पीछे जिन्होंने कार्य किया है. उनकी पहचान जरूरी है.