बस्तर- 23 अक्टूबर 2026 को 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरे की प्रमुख रस्म मुरिया दरबार विधि विधान के साथ जगदलपुर के सिरहासार भवन में निभाई जाएगी. मुरिया दरबार के इतिहास में यह पहली बार होगा जब देश की राष्ट्रपति महामहिम द्रोपदी मुर्मू इस रस्म में शामिल होंगी. राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन व दशहरा समिति ने तैयारी लगभग पूरी कर ली है. मुरिया दरबार में शामिल होने के बाद राष्ट्रपति जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आमसभा को भी संबोधित करेंगे. सिरहासार भवन और लालबाग मैदान में हो रही तैयारी का जायजा लगातार जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि कर रहे हैं. सुरक्षा के तगड़े इंतेजामत बस्तर पुलिस ने कर रखा है. चप्पा चप्पा पर जवानों की तैनाती कर दी गई. वही कार्यक्रम स्थल के आसपास जो ड्रोन फ्लाइंग जोन एरिया भी घोषित कर दिया गया है. साथ ही कई मार्गो को डाइवर्ट भी कर दिया गया है. लालबाग मैदान में 3 बड़े बड़े डोम शेड का निर्माण कराया गया है. हजारों की संख्या में कुर्सियां लगाई गई है. विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे. जहाँ राष्ट्रपति बस्तर की आम जनता को संबोधित करेंगे. भारतदेश के आजादी के बाद पहली बार कोई राष्ट्रपति मुरिया दरबार में शामिल हो रहे हैं. राष्ट्रपति खुद आदिवासी समाज से आती हैं और बस्तर में 75 दिनों तक मनाये जाने वाला पर्व भी स्थानीय आदिवासी मूलनिवासी समुदाय का समागम है. इस लिहाज से राष्ट्पति खुद करीब से बस्तर दशहरे को देखेंगे. और उसके महत्व को समझेंगे. मुरिया दरबार में बस्तरवासी अपनी मांगों और समस्याओं को राजा महाराजाओं के समक्ष रखते थे. जहाँ उन्हें सुनकर उनके निराकरण के लिए आदेश भी पारित होता था. मुरिया दरबार आम लोगों की आवाज है.
सिरहासार भवन में एक मंच तैयार किया गया है. वहीं इस भवन की क्षमता के अनुसार साढे 300 से अधिक कुर्सियां लगाई गई है. जिसमें बस्तर के मांझी- चालकी, मेम्बर मेम्बरीन, मुंडाबाजा के सदस्य, पूजा संवाहक, भण्डारीन देवी के सदस्य, रथ निर्माण से संबंधित व अन्य दशहरा से जुड़े लोग भी बैठते हैं. राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा के चाक चौबंद कर दिया गया है. चप्पे चप्पे पर जवानों की तैनाती है. 600 जवानों की ड्यूटी लगाई गई है. राजपत्रित अधिकारियों की भी तैनाती है. पुलिस हेड क्वाटर और सेंटर से भी टीम आई हुई है. इसके अलावा दंतेश्वरी एयरपोर्ट, दंतेश्वरी मंदिर और सिरहसार भवन इलाके में नो ड्रोन फ्लाइंग जोन एरिया घोषित किया गया है.