बीजापुर (चेतन कापेवार). चुनाव परिणाम घोषित होने के 24 घंटे के भीतर पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने बीजापुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा और पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेंय पर कांग्रेस एजेंट के रूप में विधायक विक्रम के पक्ष में मतदान और मतगणना कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं. विशेषकर कलेक्टर राजेंद्र कटारा पर जनादेश को कुचलने का आरोप लगाया है.
भाजपा दफतर में पत्रवार्ता में गागड़ा ने कहा कि कलेक्टर कटारा ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की गरिमा को तार-तार करने का काम किया है.
उन्हें चुनाव लड़ने में दिलचस्पी है तो निःसंकोच यहां बस जाए और चुनाव लड़े, तब जनता बताएगी.
गागड़ा ने कहा कि आचार संहिता प्रभावशील होने से पहले से ही भाजपा कलेक्टर-एसपी के कृत्यों के मद्देनजर इन्हें चुनाव से पृथक रखने लगातार निर्वाचन आयोग से शिकायत कर रही थी. कलेक्टर के विरूद्ध भाजपा के पास ढेरों सबूत है. जिसमें पंचायत सचिव से लेकर अधीक्षकों की बैठक लेकर उन पर कांग्रेस के पक्ष में काम करने का दबाव डाल रहे थे. भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक अफसर से उन्हें ऐसी उम्मीद नहीं थी. अधीनस्थ अफसर-कर्मियों पर ना सिर्फ दबाव डाला गया था, बल्कि विधायक निवास से तैयार सूची के आधार पर पीठासीन अफसरों को बदलने में कलेक्टर पीछे नहीं थे. इतना ही नहीं बीजापुर पुलिस अधीक्षक के ईशारे पर भाजपा कार्यकर्ताओं को सुरक्षा का हवाला देते उनका भयादोहन का प्रयास भी किया गया. गागड़ा ने कहा कि चूंकि सत्ता में अब भाजपा है. इसलिए वे सीबीआई जांच की मांग भी करेंगे. कड़ी चेतावनी देते महेश ने कहा कि बीजापुर में पिछले पांच सालों में कलेक्टर के मार्फत डीएमएफ समेत अन्य मदों में जितने भी निर्माण कार्य हुए हैं, सबकी जांच कराई जाएगी. जहां भी भ्रष्टाचार की शिकायत मिली है, जिम्मेदार अफसर-कर्मी कतई बख्शे नहीं जाएंगे. भ्रष्टाचार कर जिले से बाहर जो भी कॉटेज-रिर्सोट बने हैं, जांच की आंच से वहां तक भी पहुंचेगी. गागड़ा ने दो टूक कहा कि जिन्होंने कांटा बोया है उनके हिस्से कांटे ही आएंगे. गागड़ा ने प्रशासन को यह चेतावनी भी दी कि बैक डेट से कोई चेक ना कटे और ना ही किसी तरह की राशि का आहरण हो.
मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा –
आदिवासी मुख्यमंत्री के सवाल पर गागड़ा ने कहा कि भाजपा सभी जाति-समाज का सम्मान करती है. लिहाजा जनमानस की भावनाओं का सम्मान करते केंद्र की तरफ से उपयुक्त निर्णय लिया जाएगा.