जगदलपुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर और ग्रामीण के संयुक्त तत्वाधान में संभाग मुख्यालय जगदलपुर में भाजपा सरकार के खिलाफ एक बड़ा और उग्र प्रदर्शन देखने को मिला. शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय व राज्य की जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया. इस दौरान शहर के मुख्य चौक पर भारी राजनीतिक ड्रामा और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई.
मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और भारी खींचतान हुई. पुलिस प्रशासन ने कांग्रेसियों को पुतला दहन करने से रोकने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था कर रखी थी और पुतला छीनने का हरसंभव प्रयास किया. लेकिन आंदोलनकारियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए पहले से ही एक से अधिक पुतले तैयार कर रखे थे. जैसे ही पुलिस ने एक पुतले को अपने कब्जे में लिया, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दूसरी तरफ से दूसरा पुतला निकालकर उसमें आग लगा दी. इस खींचतान के दौरान कांग्रेसियों और पुलिस बल के बीच हल्की झड़प भी हुई. सूत्रों का कहना है कि इसी आपाधापी और धक्कामुक्की में कांग्रेस की एक महिला पार्षद गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनके हाथ में फ्रैक्चर आने की खबर है.

इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा राजनैतिक मैदान में कांग्रेस का सामना करने में नाकाम साबित हुई है. यही वजह है कि वह ईडी, आईटी और राज्य की प्रशासनिक एजेंसियों को अपना हथियार बनाकर कांग्रेस नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है, जो कि उसकी सबसे बड़ी भूल है. उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी को पूरी तरह से राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और सरकार अपनी नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष को टारगेट कर रही है.
प्रदर्शन में शामिल पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने भी सरकार की इस कार्रवाई को तानाशाही करार दिया. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन वर्तमान सरकार दमनचक्र चलाकर विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है. उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी ऐसी गीदड़भभकियों से डरने वाली नहीं है और जनहित के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक बुलंद रखा जाएगा. यदि विपक्ष के नेताओं के खिलाफ द्वेषपूर्वक की जा रही कार्रवाई तुरंत बंद नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में पूरे संभाग और प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा.
इस दौरान बस्तर संभाग के कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे. प्रदर्शन में मुख्य रूप से उमाशंकर शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, पूर्व सभापति कविता साहू, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, चम्पा ठाकुर, कोमल सेना, रविशंकर तिवारी, लाखेश, महामंत्री सुभाष गुलाटी, विजय सिंह, अल्ताफ उल्ला खान, सुषमा सुता, अनुराग महतो, नीतीश शर्मा, महेश द्विवेदी, ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव, संतोष सेठिया, सूर्यापाणि, युवा कांग्रेस अध्यक्ष निकेत राज झा, किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप, संजय पाणिग्रही, लखेश्वर कश्यप, अल्पसंख्यक अध्यक्ष रोजविन दास, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष राजेंद्र पटवा, ललिता राव, महेश ठाकुर, संदीप दास, भोजराज नाग, विक्रांत सिंह, तरनजीत सिंह, अपर्णा बाजपेयी, ज्योति राव, एस नीला, मोहसिन खान, वैभव नेताम, कर्तव्य आचार्य, पार्षद अफरोज बेगम, जस्टिन भवानी, रामकृष्ण तिवारी, कमलेश पाठक, सुखराम नाग, जयमती मौर्य, रंगा राव, माही श्रीवास्तव, संजू गुप्ता, राजा तिवारी, हेमंत, कमला भत्तरा, गुरमीत कौर, गौरी, खेमराज सेठिया और खीरेंद्र यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.