जगदलपुर. छत्तीसगढ़ शासन एवं एनएमडीसी के सहयोग से स्थापित कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बस्तर जैसे आदिवासी अंचल और सीमावर्ती राज्य ओडिशा के लोगों को स्थानीय स्तर पर विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराते हुए अपने 100 दिन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं. अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और अनुभवी विशेषज्ञों के दम पर यह अस्पताल आज बस्तर क्षेत्र के प्रमुख सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा केंद्र के रूप में तेजी से स्थापित हो रहा है. अस्पताल के इस सफल सफर पर कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल्स के फाउंडर-चेयरमैन डॉ. गुरू एन. रेड्डी एवं सीसीएसएच के डायरेक्टर रघु एन. रेड्डी ने बताया कि अस्पताल का मुख्य उद्देश्य बस्तर के लोगों को महानगरों जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, जिससे मरीजों को इलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े.
इन शुरुआती 100 दिनों के भीतर अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं. इस अवधि के दौरान 5,000 से अधिक मरीजों ने ओपीडी सेवाओं का लाभ लिया, जबकि 250 से अधिक जटिल सर्जरी कर गंभीर मरीजों को नया जीवन प्रदान किया गया. अस्पताल की अत्याधुनिक पैथोलॉजी प्रयोगशाला में 30,000 से ज्यादा डायग्नोस्टिक जांचें की गईं, जिससे समय पर और सटीक रोग पहचान सुनिश्चित हुई. इसके साथ ही, किडनी रोगियों के लिए संचालित डायलिसिस यूनिट में 180 से ज्यादा डायलिसिस सफलतापूर्वक किए गए. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत देते हुए अस्पताल ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 400 से ज्यादा भर्ती मरीजों को पूरी तरह निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार का लाभ प्रदान किया. उन्नत रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग सेवाओं के तहत भी बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हुए, जिसमें 1,800 से अधिक एक्स-रे, 930 से अधिक एमआरआई, 940 से अधिक सीटी स्कैन और 770 से अधिक अल्ट्रासाउंड किए गए. इसी तरह गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेवाओं के अंतर्गत 50 से अधिक एंडोस्कोपी तथा 15 से अधिक कोलोनोस्कोपी की गईं, जिससे पाचन तंत्र संबंधी रोगों के निदान में मरीजों को बड़ी सुविधा मिली.
बस्तर संभाग के चिकित्सा इतिहास में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर छूते हुए अस्पताल में क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक कैथ लैब की शुरुआत भी कर दी गई है. यह सुविधा पूरे बस्तर क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जिसके माध्यम से अब हृदय रोगियों को एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी (स्टेंट प्रत्यारोपण), अस्थायी एवं स्थायी पेसमेकर प्रत्यारोपण सहित कई उन्नत कार्डियक उपचार जगदलपुर में ही मिल सकेंगे. कैथ लैब एक अत्याधुनिक चिकित्सा इकाई है, जहाँ हृदय एवं रक्त वाहिकाओं से संबंधित रोगों की सटीक जाँच और उपचार बिना बड़े ऑपरेशन के किया जाता है. इस तकनीक में विशेष डिजिटल इमेजिंग प्रणाली और कैथेटर (पतली लचीली नली) की सहायता से धमनियों और रक्त प्रवाह का विस्तृत परीक्षण किया जाता है. इस आधुनिक विधि से अधिकांश मरीजों को बड़े चीरे की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे दर्द कम होता है, संक्रमण का खतरा घटता है और मरीज शीघ्र स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है. इस सुविधा के शुरू होने से अब हृदय रोगियों को आपातकालीन और उन्नत उपचारों के लिए रायपुर, विशाखापट्टनम या अन्य महानगरों की ओर भागने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी, जिससे समय पर इलाज के साथ-साथ पैसों की भी बड़ी बचत होगी.
संस्थान के फाउंडर-चेयरमैन डॉ. गुरू एन. रेड्डी ने इन सभी अभूतपूर्व उपलब्धियों का श्रेय बस्तर की जनता के अटूट विश्वास, विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल टीम एवं सभी कर्मचारियों के समर्पण को दिया है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में अस्पताल और भी अधिक उन्नत चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से बस्तरवासियों की सेवा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रहेगा.