राष्ट्रपति के मुरिया दरबार दौरे पर सियासी घमासान, बैज बोले बस्तर को क्या फायदा?, केदार कश्यप का पलटवार….

जगदलपुर- बस्तर दशहरा की प्रमुख रस्म मुरिया दरबार एक बार फिर देशभर में चर्चा का कारण बनने जा रहा है. पिछली बार इसमें देश के गृहमंत्री अमित शाह शामिल हुए थे, वहीं इस बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुरिया दरबार में शामिल होंगी. दौरे को लेकर कांग्रेस और भाजपा में जुबानी जंग भी शुरू हो गया है.

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने दौरे को लेकर कहा कि राष्ट्रपति जी तो दंतेवाड़ा भी आए थे, क्या फायदा हुआ? कुछ फायदा हुआ बस्तर की जनता को? कुछ नहीं हुआ. 6 करोड़ 50 लाख बस्तर पंडुम का बिल हमारे बस्तर की जनता की गाड़ी कमाई से भरे हैं. कोई फायदा नहीं हुआ बस्तर को. राष्ट्रपति को सिर्फ एक मुखौटा बनाकर लाया जा रहा है ताकि फिर से बस्तर पंडुम जैसे राष्ट्रपति के नाम से करोड़ों का टेंडर लगा लें. करोड़ों का टेंट लगा दें और घोटाला कर लें. राष्ट्रपति को सिर्फ मुखौटा बनाकर यहाँ घोटाला कराने के लिए ला रहे हैं. राष्ट्रपति जी आएँ वेलकम है, लेकिन उनके आने से बस्तर को कोई फायदा नहीं होना है.

कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कांग्रेस पार्टी की यह पुरानी आदत रही है कि वह देश के संविधान के सर्वोच्च पद पर बैठीं महामहिम राष्ट्रपति आदरणीय द्रौपदी मुर्मू जी का अपमान करे. यह हम सभी बस्तरवासियों के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि राष्ट्रपति जी पहली बार हमारे ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शिरकत करने आ रही हैं. मुरिया दरबार की परंपरा कोई आज की नहीं, बल्कि लगभग 500 से 600 साल पुरानी है. बस्तर दशहरा का यह पर्व सामाजिक व्यवस्था का प्रतीक है. मुरिया दरबार के माध्यम से हम कैसे अपने गांवों और क्षेत्र के विकास की रूपरेखा तय करते हैं. ​कांग्रेस ने इसे समझने की कोशिश ही नहीं की.

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