जगदलपुर (डेस्क) – शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर के बीएससी कृषि चतुर्थ वर्ष के छात्रों ने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम (रावे) के तहत एक अनुकरणीय पहल करते हुए ग्राम बड़े मारेंगा में एक अत्याधुनिक कृषि सूचना केंद्र की स्थापना की है. ​यह केंद्र सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि ज्ञान और समाधान का सेतु है, जो किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकों और वैज्ञानिक ज्ञान से सीधे जोड़ेगा.

शिक्षा और सेवा का अनूठा संगम

​इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध इस महाविद्यालय के छात्रों ने 21 नवंबर को एक गरिमापूर्ण समारोह में इस केंद्र का उद्घाटन किया. अधिष्ठाता डॉ. आर.एस. नेताम के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का दोहरा उद्देश्य है:

व्यवहारिक ज्ञान : कृषि छात्रों को उनकी शिक्षा पूरी होने से पहले ही ग्रामीण चुनौतियों और जमीनी हकीकत से रूबरू कराना.

कृषक सशक्तिकरण : किसानों को एक ऐसा ‘समाधान केंद्र’ उपलब्ध कराना, जहाँ वे न सिर्फ नई फसल तकनीकों को सीखेंगे, बल्कि अपनी कृषि समस्याओं का तत्काल निवारण भी पा सकेंगे.

उत्साह से भरा उद्घाटन समारोह

​उद्घाटन समारोह में बड़े मारेंगा के सरपंच सोम साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने छात्रों की इस दूरदर्शी पहल की सराहना की और सभी प्रदर्शनी एवं मॉडल का गहनता से अवलोकन किया. विशिष्ट अतिथि दिगेश नाग ने ज़ोर दिया कि यह केंद्र कृषि शोध को ‘लैब से लैंड’ (प्रयोगशाला से खेत) तक पहुँचाने का सबसे प्रभावी माध्यम बनेगा.

​पशु चिकित्सा विभाग से आए डॉ. देवेश मेश्राम ने पशुपालन से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर इस पहल को और भी व्यापक बनाया.

भविष्य की ओर एक कदम

​इस कृषि सूचना केंद्र के माध्यम से युवा छात्रों को अब सीधे किसानों के साथ संवाद स्थापित करने और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिलेगा. यह पहल न केवल छात्रों के कौशल को निखारेगी, बल्कि बस्तर क्षेत्र की कृषि क्रांति में भी एक महत्वपूर्ण आधारशिला रखेगी.

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