जगदलपुर (डेस्क) – गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जगदलपुर का लालबाग मैदान राष्ट्रभक्ति और बस्तर की गौरवशाली संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठा. इस वर्ष समारोह में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा निकाली गई झांकियों ने न केवल विकास की तस्वीर पेश की, बल्कि दर्शकों को सामाजिक और डिजिटल खतरों के प्रति जागरूक भी किया. कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच पुलिस विभाग की झांकी ने अपनी प्रासंगिक थीम और सजीव प्रस्तुति के दम पर प्रथम स्थान हासिल कर बाजी मारी. पुलिस विभाग की यह झांकी ‘साइबर सुरक्षित रहेगा बस्तर, बढ़ेगा बस्तर’ के विचार पर केंद्रित थी, जिसमें डिजिटल युग की चुनौतियों जैसे फिशिंग और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए ‘सतर्क रहें, सुरक्षित रहें’ का प्रभावी संदेश दिया गया.

सांस्कृतिक वैभव की कतार में आदिवासी विकास विभाग ने दूसरा स्थान प्राप्त किया. विभाग ने ‘बस्तर पंडुम 2026’ के माध्यम से बस्तर की आदिम परंपराओं को मैदान में उतार दिया, जहाँ ग्राम देवी माता डोली की पालकी और पारंपरिक आभूषणों से सजे कलाकारों के लोक नृत्य ने जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया. वहीं तृतीय स्थान के लिए मुकाबला बेहद रोचक रहा, जिसमें वन विभाग और जेल विभाग को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया गया. जहाँ वन विभाग ने ‘लामनी पार्क’ के माध्यम से दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण और पर्यटन की नई संभावनाओं को दिखाया, वहीं जेल विभाग ने ‘सृजन से सुधार’ की थीम पर समाज की सोच को बदलने का प्रयास किया. उनकी झांकी ने यह बखूबी दर्शाया कि वर्तमान में जेलें सजा का केंद्र न रहकर आत्मनिर्भरता की प्रयोगशाला बन चुकी हैं, जहाँ कैदी काष्ठ शिल्प और सिलाई जैसे हुनर सीख रहे हैं.
समारोह के दौरान अन्य विभागों ने भी जनहित से जुड़े विषयों को बड़ी खूबसूरती से पेश किया. नगर पालिक निगम ने स्वच्छता और कचरा पृथक्करण के लिए ‘हर घर दस्तक’ का आह्वान किया, तो महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध और बालिका शिक्षा के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की. विकास की कड़ी में जल संसाधन विभाग द्वारा प्रस्तुत मटनार बैराज का मॉडल आकर्षण का केंद्र रहा, जो बिना किसी विस्थापन के खेतों तक पानी पहुँचाने की आधुनिक तकनीक को प्रदर्शित कर रहा था. कुल मिलाकर, लालबाग की ये झांकियां बदलते और समृद्ध होते बस्तर की एक मुकम्मल तस्वीर पेश करने में सफल रहीं.