जगदलपुर (डेस्क) – छत्तीसगढ़ी सिनेमा के इतिहास में पहली बार, वह कहानी बड़े पर्दे पर आने वाली है जो न केवल मनोरंजन करेगी, बल्कि आपको अपनी ‘माटी’ से जोड़ देगी! बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ी फ़िल्म “माटी” कल 14 नवंबर को प्रदेशभर के सभी प्रमुख सिनेमाघरों में भव्य रूप से रिलीज़ होने जा रही है.

क्यों है यह फ़िल्म खास ?
’माटी’ सिर्फ़ एक फ़िल्म नहीं है, यह बस्तर के नक्सलवाद की पृष्ठभूमि पर आधारित एक भावनात्मक और साहसी प्रेम कहानी है. फ़िल्म में दिखाया गया है कि कैसे जटिल सामाजिक, राजनीतिक परिस्थितियों और संघर्ष के बीच एक नक्सल जोड़ी की प्रेम कहानी जन्म लेती है, और कैसे यह दर्शाती है कि हिंसा किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं ला सकती. यह बस्तर की संस्कृति, लोक संगीत और जल, जंगल, ज़मीन के प्रति प्रेम की एक मार्मिक गाथा है.
खासियत: इस फ़िल्म में आत्म-समर्पित नक्सली भी महत्वपूर्ण भूमिका में नज़र आएंगे, जो कहानी को और भी जीवंत बना देगा.
कलाकार और टीम पहुंचे आपके द्वार
फ़िल्म की रिलीज़ से पहले ही, ‘माटी’ की पूरी टीम और कलाकार ज़ोरदार प्रचार में जुटे हैं. फ़िल्म के निर्देशक, निर्माता और प्रमुख कलाकार (जैसे महेंद्र ठाकुर, भूमिका साहा) लगातार छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों और युवाओं के बीच पहुँचकर लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं.
जन-जन तक प्रचार : टीम ने युवा संस्थाओं और कार्यक्रमों में पहुँचकर अपनी फ़िल्म का भव्य लोकार्पण किया और दर्शकों से फ़िल्म देखने का आग्रह किया.
सीधा संवाद : कलाकार अपनी फ़िल्म की गहराई और बस्तर की ख़ूबसूरत वादियों को दर्शाने के अपने प्रयास को लोगों के सामने रख रहे हैं, जिससे दर्शकों में ज़बरदस्त उत्साह है.
यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ हमारी माटी और उसके प्रति हमारे दायित्व का भी एहसास कराती है.
तो हो जाइये तैयार! कल 14 नवंबर को अपने नज़दीकी सिनेमाघर में टिकट बुक करें और बस्तर की आत्मा पर आधारित इस अनोखी और दमदार छत्तीसगढ़ी फ़िल्म “माटी” को देखने ज़रूर जाएँ! जय जोहार!