जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को ऐतिहासिक सफलता मिली है. बीते मंगलवार को नेशनल पार्क क्षेत्र के कांदुलनार-कचलारम के जंगलों में हुए एक निर्णायक मुठभेड़ में, सुरक्षा बलों ने ₹27 लाख के ईनामी 06 कुख्यात माओवादी कैडरों को मार गिराया है. यह ऑपरेशन माओवादी संगठन की सैन्य शक्ति, राजनीतिक विंग और सबसे महत्वपूर्ण, उनकी लॉजिस्टिक्स (आपूर्ति) श्रृंखला को गहरा आघात पहुँचाता है.

मारे गए टॉप कैडर: संगठन को दोहरा झटका

​मुठभेड़ में मारे गए कैडरों में दो अत्यंत महत्वपूर्ण डिविजनल कमेटी सदस्य (DVCM) शामिल हैं, जिनकी पहचान और मौत संगठन के लिए एक दोहरा झटका है:

DVCM कन्ना उर्फ बुचन्ना (8 लाख ईनामी): यह मद्देड़ एरिया कमेटी का प्रभारी था और 42 आपराधिक मामलों में वांछित था. यह IED विस्फोटों, कैंप हमलों, 20 से अधिक ग्रामीणों की हत्या और संचार टावरों को जलाने जैसी जघन्य वारदातों का मास्टरमाइंड था. इसकी मौत से क्षेत्र में आतंक के एक लंबे अध्याय का अंत हुआ है.

DVCM उर्मिला (8 लाख ईनामी): यह मोस्ट वांटेड SZCM पापाराव की पत्नी और पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव थी, जो सबसे हिंसक कमेटियों में गिनी जाती है. उर्मिला संगठन की PLGA बटालियन की रसद व्यवस्था (Supply Chain) की प्रमुख कड़ी थी। इसकी मौत से माओवादियों की आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है.

​मारे गए अन्य 04 कैडरों में एक ACM और तीन पार्टी सदस्य शामिल हैं, जिन पर कुल ₹3 लाख का ईनाम था.

मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार बरामद

​सुरक्षा बलों (DRG बीजापुर, DRG दंतेवाड़ा और STF) ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और युद्ध सामग्री बरामद की है, जो माओवादियों की बड़ी तैयारी को दर्शाती है:

● ​02 इंसास रायफल
● ​01 9mm कार्बाइन
● ​01 .303 रायफल

​विस्फोटक सामग्री (हैंड ग्रेनेड, सेफ्टी फ्यूज), रेडियो, स्कैनर और माओवादी साहित्य.

आईजी बस्तर : नक्सल मुक्त बस्तर की ओर निर्णायक कदम

​पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, सुंदरराज पी. ने इस अभियान को “निर्णायक और महत्वपूर्ण बढ़त” बताया. उन्होंने कहा कि यह सफलता ऐसे समय में मिली है जब माओवादी संगठन नेतृत्वविहीन, दिशाहीन और मनोबलहीन स्थिति में पहुँच चुका है.
​पुलिस अधीक्षक बीजापुर, डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने जिले के पिछले रिकॉर्ड साझा करते हुए बताया कि जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर में चलाए गए अभियानों में 202 माओवादी मारे गए हैं, 1002 गिरफ्तार हुए हैं, और 749 ने आत्मसमर्पण किया है.

​आईजी बस्तर ने अंत में दोहराया, “हमारा लक्ष्य स्पष्ट है — एक शांतिपूर्ण और नक्सल-मुक्त बस्तर. वर्तमान परिस्थितियों में माओवादी संगठन पूरी तरह से घिर चुका है और अब उसके पास हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के अलावा कोई अन्य विकल्प शेष नहीं रह गया है.”

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