जगदलपुर (डेस्क) – ​बस्तर संभाग में पेयजल संकट और जल जीवन मिशन (JJM) की धीमी रफ्तार को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHED) विभाग के प्रमुख अभियंता ओंकेश चन्द्रवंशी ने आज सख्त रुख अपनाया. स्थानीय कार्यालय में हुई मैराथन समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि पेयजल योजनाओं को लटकाने वाले और काम बंद रखने वाले ठेकेदारों को बख्शा नहीं जाएगा.

कड़क निर्देश

● ​काम में प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों पर भारी पेनाल्टी लगाई जाएगी.

● ​ऐसे ठेकेदारों को तत्काल ब्लैक लिस्ट (काली सूची) में डालने की कार्रवाई होगी.

● ​JJM के कार्य निर्धारित समय सीमा में अनिवार्य रूप से पूरे होने चाहिए.

अंदरूनी इलाकों में तत्काल फोकस

प्रमुख अभियंता ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे केवल कागजी खानापूर्ति न करें, बल्कि नियमित रूप से फील्ड में जाकर कार्यों की मॉनिटरिंग करें. उनका मुख्य फोकस था:

1. ​जल्द पूरा करें : सभी प्रगतिरत योजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए.

2. ​हैंडपम्प की गारंटी : अंदरूनी और दुर्गम क्षेत्रों की उन बसाहटों में तुरंत हैंडपंप लगाए जाएं, जहाँ इनकी सर्वाधिक आवश्यकता है.

3. ​मरम्मत अनिवार्य : पुरानी और बिगड़ी हुई जल प्रदाय योजनाओं की तत्काल मरम्मत कर उन्हें चालू किया जाए.

​श्री चन्द्रवंशी ने जल जीवन मिशन के तहत तकनीकी मापदंडों और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया. बैठक में हर घर को नल से जल सुनिश्चित करने के लिए ‘हर घर सर्टिफिकेशन’ की प्रक्रिया, सोलर ड्यूल पंप स्थापना और विभागीय कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विस्तृत चर्चा की गई.

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