जगदलपुर (डेस्क) – पुलिस कोआर्डिनेशन सेंटर, लाल बाग में आज शनिवार को एक बेहद प्रेरणादायक समारोह का आयोजन किया गया. रोड सेफ्टी लीड एजेंसी और बस्तर पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में, सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद कर मानव जीवन बचाने वाले 113 निस्वार्थ नागरिकों को सम्मानित किया गया.

​इस सम्मान समारोह में 101 सड़क सुरक्षा मितान और 12 गुड सेमेरिटन (नेक आदमी) को उनके साहसी और त्वरित प्रयासों के लिए प्रशस्ति पत्र और किट सामग्री देकर सम्मानित किया गया. इन नागरिकों ने दुर्घटनाओं की रोकथाम और बचाव के साथ-साथ घायलों को तत्काल मदद पहुँचाकर पुलिस के साथ मिलकर मानवता की बेहतरीन मिसाल पेश की है.

जीवन बचाने का प्रशिक्षण

​इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने सड़क सुरक्षा पर महत्वपूर्ण जानकारी दी. महारानी अस्पताल, जगदलपुर की एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर गिरीशा ने एक उपयोगी डेमो दिया. उन्होंने सिखाया कि कैसे सड़क दुर्घटना के घायल व्यक्ति को प्राथमिक रूप से CPR देकर जान बचाई जा सकती है, और एम्बुलेंस आने तक अत्यधिक रक्तस्राव को कैसे रोका जा सकता है—जो घायलों की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है.

एसपी बस्तर की अपील

​पुलिस अधीक्षक बस्तर, शलभ कुमार सिन्हा ने सभी सम्मानित ‘जीवन रक्षक नायकों’ की सराहना की. उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे इस मानवीय कार्य में और अधिक सक्रिय हों और हर गाँव और कस्बे में सड़क सुरक्षा मितान का गठन कर भागीदारी बढ़ाएँ, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में मदद तत्काल पहुँच सके.

​एसपी सिन्हा ने आम जनता से भी मार्मिक अपील करते हुए कहा कि ​”लोगों के जीवन को बचाना ही सबसे बड़ी मानव सेवा है. मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें और गुड सेमेरिटन लॉ के बारे में जानें. यह नया कानून घायलों की मदद करने वाले को कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है. इसलिए, सड़क पर घायल व्यक्ति दिखने पर बिना किसी डर के उसकी जीवन बचाने के लिए प्रयास करें और अस्पताल ले जाने में मदद करें.”

​इस समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, उप पुलिस यातायात संतोष जैन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डी.सी. बंजारे और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नेक पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की.

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