जगदलपुर (डेस्क) – राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बार फिर नक्सल विरोधी अभियान में अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. बीते कल शुक्रवार, 7 नवंबर 2025 को NIA ने छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के नक्सल प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और सुकमा में एक साथ 12 ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया. यह कार्रवाई 26 अप्रैल 2023 के उस भयावह अरनपुर IED विस्फोट और घात लगाकर हमले के मामले से जुड़ी है, जिसने देश को हिलाकर रख दिया था.
2023 के घातक हमले का मामला
यह तलाशी केस संख्या RC-07/2024/NIA/RPR के तहत उन संदिग्धों और आरोपियों के ठिकानों पर की गई, जो प्रतिबंधित CPI (माओवादी) आतंकवादी संगठन के सशस्त्र कैडरों से जुड़े हुए हैं.
याद दिला दें कि 26 अप्रैल 2023 को CPI (माओवादी) की दुर्दांत ‘दरभा डिवीजन कमेटी’ ने दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पेडका गाँव के पास एक IED विस्फोट किया था. इस हमले में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के 10 जांबाज जवान और एक नागरिक (वाहन चालक) शहीद हो गए थे.
‘लेवि’ वसूली के सबूत, डिजिटल साक्ष्य जब्त
NIA की इस ‘ऑपरेशन प्रहार’ के दौरान कई सनसनीखेज और दोषसिद्धि दिलाने वाली सामग्री जब्त की गई है, जो माओवादी नेटवर्क की वित्तीय और संगठनात्मक जड़ों को बेनकाब करती है:
भारी मात्रा में नगद : माओवादियों को फंडिंग करने के सबूत.
हस्तलिखित पत्र और रसीद पुस्तिकाएं : ये दस्तावेज सीधे तौर पर CPI (माओवादी) द्वारा की जा रही लेवी (जबरन उगाही) संग्रह से संबंधित हैं, जो उनके आतंक के नेटवर्क को पोषित करता है.
डिजिटल उपकरण : संदिग्धों/आरोपियों के डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनसे माओवादी साजिशों का और खुलासा होने की उम्मीद है.
NIA ने पुष्टि की है कि ये संदिग्ध/आरोपी सीधे तौर पर उस CPI माओवादी कैडरों से जुड़े हुए थे, जिन्होंने इस घातक नरसंहार को अंजाम दिया था.
27 गिरफ्तारियां, NIA की जांच तेज
NIA इस मामले की तह तक जाने के लिए अपनी जांच को पूरी तीव्रता से जारी रखे हुए है. इस मामले में अब तक की जांच में 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ दो चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल की जा चुकी हैं.
NIA की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि नक्सलवाद को पोषित करने वाले हर छोटे-बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एजेंसी पूरी तरह कमर कस चुकी है.