जगदलपुर (डेस्क) – दीपावली के उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित और खुशहाल बनाने के उद्देश्य से, जगदलपुर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी हरिस एस. के प्रभावी नेतृत्व में, जिला सेनानी नगर सेना एवं जिला अग्निशमन अधिकारी द्वारा पटाखा दुकानों के लिए कड़े और स्पष्ट सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका को न्यूनतम किया जा सके. ​यह पहल नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखती है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उल्लंघन करने वाले दुकान संचालकों पर तुरंत सख्त कार्यवाही की जाएगी.

सुरक्षा की गारंटी : प्रमुख दिशा-निर्देशों पर एक नजर

निर्माण की सख्ती : अब पटाखा दुकानें ज्वलनशील सामग्री (जैसे कपड़ा, बांस) से नहीं बनेंगी. इनके निर्माण के लिए अनिवार्य रूप से अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड का प्रयोग होगा और इन्हें अग्निमंदक घोल से उपचारित किया जाएगा.

दूरी अनिवार्य : एक दुकान से दूसरी दुकान के बीच कम से कम 03 मीटर की सुरक्षित दूरी सुनिश्चित की जाएगी और दुकानें एक दूसरे के सामने नहीं बनाई जाएंगी, जिससे आग फैलने का खतरा कम हो.

स्थान का चयन : सुरक्षा कारणों से पटाखा दुकानों को रिहायशी एवं भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों से दूर खोलने का निर्देश दिया गया है.

आधुनिक उपकरण : प्रत्येक दुकान पर अनिवार्य रूप से अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

रोशनी की सुरक्षा : तेल के लैंप, गैस लैंप और खुली बिजली बत्ती का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है, जिससे बिजली या तेल से आग लगने की घटना न हो.

नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील

​जिला अग्निशमन अधिकारी ने आम जनता से भी इस सुरक्षा अभियान में सहयोग करने की भावुक अपील की है. उन्होंने कहा कि नागरिकों को आतिशबाजी करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतनी चाहिए. साथ ही, सूखे घास या पैरावट के पास आतिशबाजी न करने और बच्चों को आतिशबाजी से दूर रखने का विशेष अनुरोध किया गया है.

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