जगदलपुर (डेस्क) – जगदलपुर नगर निगम की राजनीति में गरमाहट आ गई है. नगर निगम नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने आज राजीव भवन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में महापौर और निगम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि निगम सरकार शहर के महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को छिपाने और विपक्ष की आवाज को दबाने का काम कर रही है. इस दौरान शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य भी उपस्थित रहे.
सामान्य सभा की कार्यवाही सवाल
राजेश चौधरी ने हाल ही में हुई सामान्य सभा की कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सभापति और महापौर ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए विपक्ष के किसी भी सदस्य को बोलने का अवसर नहीं दिया. उन्होंने कहा, “आसंदी से स्पीकर (सभापति) लगातार भेदभावपूर्ण व्यवहार करके विपक्ष के सवालों और जनहित के मामलों को दबाने का प्रयास करते रहे.” उन्होंने यह भी बताया कि पिछली सामान्य सभा में उठाए गए प्रश्नों के जवाब आज तक नहीं दिए गए, और कांग्रेस पार्षदों द्वारा लगाए गए चार प्रश्नों को ‘समय सीमा पर नहीं लगाया गया’ कहकर अगली सामान्य सभा के लिए टाल दिया गया.
‘मल्टी स्टोरी पार्किंग’ विवाद : महापौर पर पद का दुरुपयोग का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने शहर के सबसे महत्वपूर्ण विषय, प्रतापगंज पारा स्थित मल्टी-स्टोरी पार्किंग की भूमि के मामले को सामान्य सभा से गायब करने पर महापौर को घेरा. राजेश चौधरी ने कहा, “पूरा शहर इस निर्णय का इंतजार कर रहा था, लेकिन महापौर ने इस नीतिगत मामले को सामान्य सभा के पटल से हटाकर साबित कर दिया कि वह जनहित से नहीं, बल्कि स्वहित में सरोकार रखते हैं.” उन्होंने महापौर के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “प्रतापगंज पारा स्थित भूमि में मंदिर बन के रहेगा.” राजेश चौधरी ने सीधा सवाल किया कि क्या वह भूमि महापौर के स्वयं के नाम पर दर्ज है या वह शासकीय भूमि है ? उन्होंने महापौर पर लगातार झूठ बोलने और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया.
गरीबों और अमीरों के लिए दोहरा मापदंड ?
राजेश चौधरी ने महापौर पर ‘गरीब विरोधी’ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ निगम प्रशासन ने खजूर की भूमि में वर्षों से बसे गरीबों को मकान, बिजली-पानी के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से रोक लगा दी, वहीं दूसरी ओर धनाढ्य समाज को नजूल की भूमि दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि महापौर सिर्फ और सिर्फ अमीरों की गुलामी करने में लगे हैं.
सड़कों की गुणवत्ता पर पलटवार
महापौर द्वारा कांग्रेस सरकार में बनी सड़कों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर नेता प्रतिपक्ष ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, “कांग्रेस की सरकार में चार-पांच साल पहले जो सड़कें बनीं, वे अपनी सेवा देने के बाद खराब हो सकती हैं. लेकिन महापौर बताएं कि सिर्फ 4 महीने पहले बनी बोधघाट थाना के पीछे वाली सड़क और ज्योति नर्सरी करकापाल रोड जगह-जगह क्यों उखड़ गई है ? चार-पांच साल और चार-पांच महीने में बहुत फर्क होता है, इसका ज्ञान महापौर को होना चाहिए.”
रोड स्वीपिंग मशीन और बिजली बिल पर भी उठाए सवाल
रोड स्वीपिंग मशीन : राजेश चौधरी ने कहा कि जिस मशीन का उद्घाटन महापौर ने 5 दिन पहले किया था, वह 4 दिन चली भी नहीं और गैराज पहुंच गई. उन्होंने दावा किया कि मशीन धूल कंजप्शन करने की जगह धूल उड़ाने में ज्यादा कारगर साबित हो रही है.
बिजली बिल हाफ योजना : उन्होंने भाजपा सरकार पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की ‘बिजली बिल हाफ योजना’ को बंद करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह अडानी-अंबानी को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है. उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाने को भी ‘जनता को लूटने’ का प्रयास बताया.
पत्रकार वार्ता में प्रभारी महामंत्री जाहिद हुसैन, पार्षद सूर्यापानी, शुभम यदू, जस्टिन भवानी सहित कांग्रेस के कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.