जगदलपुर (डेस्क) – तेलांगना राज्य में भद्राद्री कोठागुडेम पुलिस को आज, मंगलवार को एक बड़ी सफलता मिली, जब प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) पार्टी के 06 सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वालों में तीन पार्टी सदस्य, दो मिलिशिया सदस्य और एक सीएनएम कैडर शामिल हैं, जिनमें एक महिला सदस्य भी शामिल है.
आत्मसमर्पण का कारण ‘ऑपेरशन चेयुथा’
इन व्यक्तियों ने नक्सलवाद का रास्ता छोड़ने और अपने परिवारों के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीने का निर्णय लिया है. वे तेलंगाना सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के साथ-साथ भद्राद्री कोठागुडेम पुलिस द्वारा सीआरपीएफ की 81वीं और 141वीं बटालियनों के सहयोग से चलाए जा रहे सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम “ऑपरेशन चेयुथा” के तहत विकासात्मक और कल्याणकारी गतिविधियों से प्रभावित हुए.
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी
1. कुंजाम पापा राव उर्फ दिनेश (23) निवासी जगरगुंडा, जिला सुकमा
2. लेखम बंदी शांति (26) निवासी उसूर, जिला बीजापुर
3. माड़वी कोसा (18) निवासी पामेड़, जिला बीजापुर
4. पदम लखमा (28) निवासी डोडी तुमनार पंचायत, जिला बीजापुर
5. माड़वी लखमा (35) निवासी मल्लमपेंटा गांव, जिला बीजापुर
6. डोडी बुधरु (40) निवासी तुमनार, जिला बीजापुर
इस वर्ष का आंकड़ा प्रभावशाली
जिला पुलिस के सामुदायिक संपर्क पहल “ऑपरेशन चेयुथा” से प्रभावित होकर, इस वर्ष अब तक विभिन्न रैंकों के कुल 326 माओवादियों ने नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर जिला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है. ये सभी अब तेलंगाना सरकार द्वारा दिए जा रहे व्यापक पुनर्वास समर्थन से लाभान्वित होते हुए शांतिपूर्वक जीवन जी रहे हैं.
पुनर्वास और वित्तीय सहायता
आत्मसमर्पण करने वाले इन 06 कैडरों को तत्काल सहायता के रूप में प्रत्येक को ₹25,000 दिए जाएंगे, जिसकी कुल राशि ₹1,50,000 होगी. शेष वित्तीय सहायता, जो उनकी संबंधित रैंकों पर आधारित है, आधार और बैंक विवरण जमा करने पर उनके बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी जाएगी.
वरिष्ठ माओवादी नेताओं को ₹20 लाख की सहायता
इससे पहले, बीते शुक्रवार को तीन वरिष्ठ माओवादी राज्य समिति सदस्यों (कुंकाटी वेंकटय्या @ रमेश विकास, मोगिलीचेरला वेंकटराजू राजू एर्रा राजू चंदू, और थोडेम गंगा @ गंगव्वा सोनी) ने तेलंगाना के डीजीपी के समक्ष आत्मसमर्पण किया था. उन्हें आत्मसमर्पण के दिन पुनर्वास के हिस्से के रूप में प्रत्येक को ₹20 लाख की राशि प्रदान की गई थी.
पुलिस की अपील
पुलिस ने बाकी बचे सभी भूमिगत माओवादी सदस्यों से एक बार फिर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है. पुलिस विभाग ने कहा है कि तेलंगाना सरकार और पुलिस उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं और पर्याप्त पुनर्वास सहायता प्रदान कर रहे हैं.
“ऑपेरशन चेयुथा” का लक्ष्य
ऑपरेशन चेयुथा के तहत, दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी, स्कूल, अस्पताल, पेयजल और बिजली जैसी व्यापक विकासात्मक गतिविधियां की जा रही हैं. पुलिस ने आदिवासी समुदायों से आग्रह किया है कि वे माओवादी समूहों के साथ सहयोग न करें, क्योंकि वास्तविक विकास केवल लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारों के माध्यम से ही संभव है.