जगदलपुर (डेस्क) – शहर के संजय गांधी वार्ड स्थित रेलवे कॉलोनी में शनिवार को रेलवे विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में 32 अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया. रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने के इस बड़े अभियान का कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध किया और मौके पर जमकर हंगामा किया.

विरोध और हंगामा

​तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही कांग्रेस जिला अध्यक्ष, पार्षद कोमल सेना सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा किया.

​वार्ड की पार्षद कोमल सेना ने आरोप लगाया कि उन्हें कार्रवाई की कोई सूचना नहीं दी गई, जबकि अधिकारियों ने पहले केवल दो लाइनें तोड़ने की बात कही थी, लेकिन बाद में सभी झोपड़ियों को गिरा दिया गया. उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया था कि जब तक प्रभावितों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान न मिल जाएं, तब तक उन्हें समय दिया जाए.

प्रभावितों ने लगाया अनदेखी का आरोप

​कार्रवाई से प्रभावित एक नागरिक आशीष पानी ने बताया कि उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा, “सुबह हम काम पर गए थे, तब तक सब ठीक था, जब वापस लौटे तो देखा घर तोड़ा जा रहा है. अगर बताया जाता तो हम अपना सामान तो निकाल लेते.”

रेलवे का पक्ष : नोटिस पहले ही जारी

​रेलवे विभाग ने स्पष्ट किया कि यह जमीन रेलवे की संपत्ति है और इस पर अवैध रूप से मकान बनाकर लोग रह रहे थे। विभाग के अनुसार, पूर्व में सभी को नोटिस जारी किए गए थे और 11 अक्टूबर को ही तोड़फोड़ की तारीख तय थी, जिसे दशहरा के कारण स्थगित कर दिया गया था. रेलवे के एडीएम अधिकारी ने बताया कि उन्हें ऊपरी स्तर से भूमि खाली कराने के निर्देश मिले थे, क्योंकि यह जगह रेलवे कर्मियों के लिए जरूरी क्षेत्र में आती है.

महापौर के हस्तक्षेप से रुकी कार्रवाई

​मामले पर महापौर संजय पांडे ने बताया कि उन्हें जब घर तोड़ने की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत डीआरएम से बात की और दिवाली तक का समय मांगा. महापौर के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल बुलडोजर की कार्रवाई रोक दी गई है.

​स्थानीय लोगों ने अब सरकार से उनके लिए विकल्प तलाशने और जल्द से जल्द पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है.

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