बीजापुर (डेस्क) – देश की आंतरिक सुरक्षा में तैनात रहने के साथ-साथ, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक जुड़ाव की मिसाल भी पेश कर रहे हैं. शारदीय नवरात्रि की नवमी के पावन अवसर पर, गंगालूर स्थित सीआरपीएफ कैम्प ने स्थानीय ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों के लिए एक भव्य भंडारे का आयोजन किया. यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक था, बल्कि सुरक्षा बल और जनता के बीच मधुर संबंध स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त पहल भी साबित हुआ.

सहायक कमांडेंट शुभम परिहार के नेतृत्व में पहल
यह पूरा आयोजन सहायक कमांडेंट (AC) श्री शुभम परिहार के प्रभावी नेतृत्व और मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. उन्होंने इस अवसर पर कहा कि यह भंडारा स्थानीय समुदाय के प्रति बल की सद्भावना और आभार व्यक्त करने का एक छोटा सा प्रयास है. भंडारे में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और प्रसाद ग्रहण किया. इस दौरान, CRPF के जवानों ने स्वयं आगे बढ़कर लोगों को भोजन परोसा, जिसने सुरक्षा और सेवा के भाव को और मज़बूत किया.

स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया. विशिष्ट अतिथियों में स्थानीय तहसीलदार भोजराज डहरिया विशेष रूप से उपस्थित थे, जिन्होंने बल के इस सामाजिक प्रयास की सराहना की. गंगालूर थाना प्रभारी गिरीश तिवारी और AC, बुर्जी कैम्प, उमेश सिंह भी पूरे समय मौजूद रहे. उनके साथ, गंगालूर स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक और थाना स्टाफ भी सम्मिलित हुए. इन अधिकारियों की उपस्थिति ने यह दर्शाया कि पूरा प्रशासनिक तंत्र सामुदायिक कल्याण के लिए एकजुट है.

स्थानीय जनप्रतिनिधियों में सरपंच पायल हेमला ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीणों और जवानों के बीच की दूरी को मिटाकर आपसी विश्वास को बढ़ाते हैं.
सुरक्षा और समाज का अटूट बंधन
पूरे आयोजन के दौरान सीआरपीएफ के जवानों ने न केवल अपनी ड्यूटी निभाई, बल्कि सेवादार की भूमिका में भी नज़र आए. यह भंडारा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में विश्वास बहाली और आपसी सद्भाव का संदेश देने का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम बन गया.

गंगालूर क्षेत्र में इस तरह के सामाजिक आयोजनों से शांति और सकारात्मक माहौल को बढ़ावा मिलता है, जो CRPF की ‘मित्रता और सेवा’ की भावना को स्पष्ट रूप से परिलक्षित करता है.