जगदलपुर (डेस्क) – देश के भविष्य और जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, 9 सीजी एनसीसी धरमपुरा ने शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर को न केवल सैन्य अभ्यास का केंद्र बनाया, बल्कि स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी गहन प्रशिक्षण दिया. कमांडिंग अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल अरुण कांडपाल के कुशल निर्देशन में चल रहे इस शिविर ने कैडेट्स को व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व समझाया.

आम बीमारियों पर जागरूकता

​शिविर में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र ठाकुर ने कैडेट्स को संबोधित किया और उन्हें बस्तर क्षेत्र में आम बीमारियों से बचाव के तरीके बताए. डॉ. वीरेंद्र ठाकुर ने विशेष रूप से सिकल सेल, एनीमिया, और मलेरिया के लक्षणों और उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने युवा कैडेट्स को छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर न केवल स्वयं और परिवार को स्वस्थ रखने, बल्कि ‘स्वस्थ समाज’ के निर्माण में भी सहयोग देने का आह्वान किया. यह सत्र कैडेट्स को उनके स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग और जिम्मेदार बनाने में सहायक रहा.

सड़क सुरक्षा : हर नागरिक का कर्तव्य

​स्वास्थ्य जागरूकता के साथ ही, कैडेट्स को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष और प्रभावी सत्र का आयोजन किया गया. जिला बस्तर पुलिस के अधिकारियों ने इस सत्र में शिरकत की, जिसमें मुख्य रूप से यातायात उप पुलिस अधीक्षक संतोष जैन उपस्थित थे. उप पुलिस अधीक्षक ने कैडेट्स को स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है. उन्होंने विशेष रूप से हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग पर जोर दिया और बताया कि यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करना स्वयं, परिवार और समाज की सुरक्षा के लिए कितना आवश्यक है. उन्होंने युवाओं से ज़िम्मेदार नागरिक बनकर नियमों का पालन करने और दूसरों को प्रेरित करने की भावुक अपील की. ​सत्र के समापन पर, सभी एनसीसी कैडेट्स को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई, जिससे वे भविष्य में सड़क सुरक्षा के ‘जागरूक प्रहरी’ बन सकें.

​इस सफल प्रशिक्षण शिविर में सूबेदार मिथलेश द्विवेदी, कैप्टन राहुल सिंह ठाकुर, एनओ अभिलाष निषाद, पवन देवांगन, रितेश बघेल, स्मृति कश्यप, जीसीआई नूतन सिंह और समस्त पीआई स्टाफ मौजूद रहे। इस पहल से एनसीसी कैडेट्स न केवल अनुशासित सैनिक बनेंगे, बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सजग एक जिम्मेदार नागरिक भी बनेंगे.

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