जगदलपुर (डेस्क) – छत्तीसगढ़ को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण नेशनल हाइवे 30 (NH 30) इन दिनों गड्ढों के कारण यात्रियों के लिए मुसीबत बन गया है. सड़क की दयनीय हालत से परेशान होकर दरभा ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने आज दरभा मुख्यालय पर NH 30 को जाम कर दिया.
“गड्ढे में सड़क या सड़क में गड्ढे ?”
जगदलपुर से सुकमा के बीच की यह सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है. यात्रियों और राहगीरों को रोज दुर्घटनाओं, गाड़ियों के खराब होने और जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. आंदोलनकारी गुपत नाग ने बताया कि केशलुर से तोंगपाल के बीच सड़क इतनी खराब है कि पैदल चलना भी दूभर है. उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क टैक्स चुकाने के बावजूद लोगों को सही सड़क नहीं मिल रही, बल्कि गांव की गलियों की सड़कें भी राष्ट्रीय राजमार्ग 30 से बेहतर हैं.
मुख्य प्रभावित क्षेत्र: केशलुर, नेगानार, कामानार, दरभा, झीरम, तोंगपाल, कुकानार, रोकेल, छिंदगढ़, पाकेला सहित अन्य गांव इस जर्जर सड़क से बुरी तरह प्रभावित हैं.
दो घण्टे जाम, अधिकारियों ने दिया आश्वासन
करीब 2 घंटे तक चले इस चक्का जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों की कथित अनदेखी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन किया गया.

जाम की सूचना मिलते ही तोकापाल SDM और राष्ट्रीय राजमार्ग के मुख्य कार्यपालन अभियंता मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को 25 अक्टूबर तक सड़क मरम्मत कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया. इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया और मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया.
30 अक्टूबर को अनिश्चितकालीन चक्का जाम की चेतावनी
हालांकि, ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 25 अक्टूबर तक सड़क मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे 30 अक्टूबर को एक बार फिर अनिश्चितकालीन चक्का जाम करेंगे. जर्जर सड़क को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश साफ दिखाता है कि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है.
इस दौरान दरभा सरपंच सामबति नाग, कामानार सरपंच सीताराम नाग, उप सरपंच जयदेव नाग, शंकर कश्यप, सोमारू राम कौशिक, सुकमन नाग, हरि राम, रामू राम, मानसाय नाग, मानसिंह बघेल, मुन्ना लाल कश्यप, अर्जुन बघेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.