जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर की संस्कृति, सभ्यता, कलाकृति, और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव लेने के लिए भारत के अलग-अलग राज्यों से पर्यटकों का आना लगातार जारी है. इसी कड़ी में, गुरुवार को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले से 40 स्कूली छात्रों और शिक्षकों का एक दल बस्तर पहुंचा. उन्होंने यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया और विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा की रौनक भी देखी.

​शिक्षक के. रेखा ने बताया कि उनका विद्यालय, ‘सरवानी विद्यालय’, हर साल छात्रों को भारत की संस्कृति, सभ्यता और इतिहास से जोड़ने के लिए शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन करता है. इसी उद्देश्य से इस बार उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर को चुना.​ समूह ने बस्तर के कई प्रसिद्ध स्थानों का दौरा किया, जिनमें तीरथगढ़ जलप्रपात, चित्रकोट जलप्रपात, दंतेश्वरी मंदिर, और राजमहल शामिल हैं.

​रेखा ने बस्तर के लोगों के रहन-सहन और उनके दोस्ताना व्यवहार की खूब सराहना की. उन्होंने कहा, “यहां के लोगों से हमें बहुत अच्छी जानकारी मिली और बस्तर के हैंडीक्राफ्ट्स भी बहुत सुंदर हैं, जिनकी हमने खूब खरीदारी की.”

​उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात की सुंदरता की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा, “हमने सोशल मीडिया और टीवी पर नियाग्रा जलप्रपात देखा है, लेकिन मुझे यकीन है कि चित्रकोट जलप्रपात उससे भी ज़्यादा खूबसूरत है. यह सही मायने में भारत का नियाग्रा है.”

​वापस लौटने पर, यह दल अपने अनुभवों को दूसरों के साथ साझा करेगा और उन्हें भी बस्तर घूमने के लिए प्रोत्साहित करेगा, ताकि वे भी यहां की समृद्ध संस्कृति और सभ्यता को करीब से जान सकें.

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