जगदलपुर (डेस्क) – प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज शुक्रवार को जगदलपुर में वन विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक का मुख्य फोकस वनों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने पर था. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे वन आधारित रोजगार सृजन के लिए कार्ययोजना के अनुरूप पहल करें.

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
वन मंत्री ने वृक्षारोपण, राजस्व संग्रहण, और वन सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि बस्तर अब माओवाद के प्रभाव से बाहर आ रहा है, और नई पीढ़ी को रोजगार देना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए.
• वन आधारित रोजगार : मंत्री ने लाख पालन, वनोपज प्रसंस्करण, और ईको-टूरिज्म के माध्यम से रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि बस्तर के पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाकर स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएं, साथ ही स्थानीय परंपराओं का भी ध्यान रखा जाए.
• अतिक्रमण और अवैध कटाई पर सख्ती : मंत्री ने वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के बाद तुरंत वृक्षारोपण करने का निर्देश दिया. उन्होंने पेड़ों की अवैध कटाई और परिवहन पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए भी कहा.
• पारंपरिक ज्ञान का सम्मान : वनौषधियों के संरक्षण के साथ-साथ पारंपरिक वैद्यों के ज्ञान का उपयोग करने और उनकी भूमि पर वनौषधियों का रोपण करने की बात भी कही गई.
• जल स्रोतों का उपयोग : वन भूमि पर मौजूद तालाबों का उपयोग मछली पालन के लिए करने और इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का सुझाव भी दिया गया.

बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की. मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए ताकि बस्तर में विकास की गति को और तेज किया जा सके.