सुकमा (डेस्क) – लोक निर्माण विभाग (PWD) की मनमानी और मिलीभगत का नया मामला सुकमा में सामने आया है. पुसामीपारा से कुम्हाररास के बीच टो-वॉल और नगर पालिका क्षेत्र में नाली निर्माण में गड़बड़ियों की जांच के दौरान विभागीय अफसरों ने जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश की.
मामला तब सामने आया जब कांग्रेस प्रदेश सचिव दुर्गेश राय ने PWD के ईई, एसडीओ और सब-इंजीनियर पर बिना काम किए ही 9.66 लाख रुपए आहरण करने का गंभीर आरोप लगाया था. शिकायत पर विभाग ने 14 अगस्त को जांच टीम को सुकमा भेजा.
पुराना काम को दिखाकर बताया नया
सूत्रों के अनुसार, मौके का निरीक्षण करने की बजाय अफसरों ने जांच अधिकारियों को सब-डिवीजन कार्यालय के पास बनी एक पुरानी नाली दिखा दी और दावा किया कि यह हाल ही में पूरा हुआ काम है. जबकि सच्चाई यह है कि उक्त नाली का कार्यादेश 25 अप्रैल 2025 को ठेकेदार उपेंद्र नायक के नाम से जारी हुआ था और काम पहले ही पूरा हो चुका था. यानी वास्तविक गड़बड़ी वाले निर्माण स्थल की जांच टालने के लिए अफसरों ने पुराने काम को ही नया बताने की कोशिश की.
कांग्रेस नेता का विरोध
इस हेराफेरी पर मौके पर मौजूद कांग्रेस प्रदेश सचिव दुर्गेश राय भड़क उठे. उन्होंने जांच अधिकारियों के सामने कहा –
“आप सोचिए, विभाग जांच अधिकारी तक को गुमराह करने में लगा है. जब 4 अगस्त को ईई से पूछा गया कि आपके कैंपस में नाली किस विभाग द्वारा बनाई जा रही है, तो उन्होंने अनजान बनने की कोशिश की. आज वही नाली जांच अधिकारियों को दिखाई जा रही है. यह साफतौर पर जांच को प्रभावित करने और दोषियों को बचाने का प्रयास है.”
विभाग में मचा हड़कंप
जैसे ही यह खेल उजागर हुआ, PWD विभाग में हड़कंप मच गया. अफसरों की पोल खुलने से विभागीय कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल है. कांग्रेस नेता ने निष्पक्ष जांच कर दोषी ईई, एसडीओ और सब-इंजीनियर पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभागीय जांच क्या इन गड़बड़ियों की सच्चाई को सामने लाएगी या अफसरों का बचाव एक बार फिर भारी पड़ेगा.