जगदलपुर- जिस बस्तर में भारतदेश की नजर बनी रहती है उस बस्तर से एक बाबू का नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक प्रस्तावित किया गया है. बस्तर के बाबू ने ऐसा काम किया जिससे उसका नाम पहले विधायक, कलेक्टर, और मुख्यमंत्री तक पहुंचा था ही, लेकिन अब प्रधानमंत्री तक भी नाम भेजा गया है. बाबू का नाम सुरेश देवांगन है. जो नानगुर तहसील में सहायक ग्रेड 2 लिपिक के पद पर पदस्थ है. अब आप यह सोच रहे होंगे कि इस बाबू ने ऐसा क्या किया जिसके कारण उसका नाम प्रधानमंत्री तक भेजा गया है. दरअसल बाबू के काम करने का तरीका ही अनोखा है. और अपने अनोखे अंदाज के कारण ही अब यह बाबू मशहूर होने लगा है. दिल्ली के लालकिला में तिरंगा फहराने के बाद 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले देश के कई लोगों को सम्मानित किया जा रहा है. लेकिन सुरेश देवांगन का नाम इस लिस्ट में नहीं है. प्रधानमंत्री तक नाम पहुंचाने के पीछे सम्मानित करना नहीं है बल्कि कुछ और ही कारण है.
कारण यह है कि यह बाबू शराब के नशे में कार्यकाल पहुंचकर मुर्गा और शराब की डिमांड करता है. और बस्तर के विधायक, कलेक्टर के साथ ही मुख्यमंत्री तक अपनी पहचान बताता है. ऊंची पहचान होने के कारण प्रतिदिन इस प्रकिया को ग्रामीणों के ऊपर दोहराता है. और छत्तीसगढ़ के जिम्मेदार सुरेश को खुली छूट दे रखें हैं. खुली छूट से परेशान होकर तहसील के कोटवार बस्तर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री तक लिपिक का नाम भेजने के लिए ज्ञापन सौंपा हैं.

नानगुर तहसील के कोटवार संघ अध्यक्ष राजाराम कश्यप ने बताया कि ऊंची पहचान वाले बाबू हर रोज अपने मर्जी के अनुसार नशे में धुत होकर कार्यालय पहुंचते हैं. और अपनी समस्या व दस्तावेजीकरण कार्य पर पहुंचे आदिवासियों व कोटवारों से काम के एवज में मुर्गा व शराब की डिमांड करते हैं. मुर्गा नहीं देने पर प्रताड़ित भी किया जाता है. शासकीय दस्तावेज को जला भी दिया जाता है. जिससे कोटवार और ग्रामीण परेशान हैं. परेशानी के कारण स्थानीय SDM, विधायक, कलेक्टर के अलावा मुख्यमंत्री तक भी आवेदन कार्रवाई के लिए दिया गया है. लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. जिसके कारण अब मजबूरन प्रधानमंत्री ने नाम ज्ञापन सौंपा गया है. और मांग की गई है. उम्मीद की गई है कि जो कार्य छत्तीसगढ़ के जिम्मेदारों से नहीं हुई है. वह देश के जिम्मेदार प्रधानमंत्री से होगी. और शायद अनोखे तरीके से किये जा रहे कार्यों की उनके तरीके से सराहना की जाएगी.