सुकमा (डेस्क) – जिले के अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र चिंतलनार-जगरगुंडा मार्ग पर बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया. सिलगेर बाजार जा रहे व्यापारियों की पिकअप वाहन उफनते नाले में गिरते – गिरते बची. हादसे की वजह बनी निर्माण एजेंसी की लापरवाही, जिसने पुल का कार्य तो पूरा कर लिया है, लेकिन पुल से मिट्टी नहीं हटाने की वजह से अब तक कच्चे डायवर्सन से ही यातायात संचालित हो रहा है.

घटना नरसापुरम के पास की है, जहां इन दिनों भारी बारिश के कारण नाले उफान पर हैं. पुल से मिट्टी नहीं हटाने के कारण वाहन चालकों को मजबूरी में कच्चे डायवर्सन से गुजरना पड़ रहा है, जो बेहद जोखिम भरा है. बुधवार सुबह जब व्यापारी सिलगेर बाजार जा रहे थे, उसी दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ा और वह बहते पानी की ओर खिसकने लगी. गनीमत रही कि वाहन चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते वाहन को रोक लिया और सभी व्यापारी सुरक्षित बच गए.

स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है. उनका कहना है कि ठेकेदार द्वारा पुल के निर्माण के बाद मिट्टी नहीं हटाना जानबूझकर की गई अनदेखी है, जिससे जनहानि हो सकती थी. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पुल को यातायात के लिए खोलने की दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएं और जिम्मेदार ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए.

यह क्षेत्र पहले ही नक्सल प्रभावित है, ऐसे में रास्तों की अव्यवस्था और बढ़ते जोखिम से लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं.

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