जगदलपुर (डेस्क) – जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा एक प्रकरण में आवेदक अधिवक्ता डी. सूर्य प्रकाश राव को फ्लिपकार्ट इंटरनेट कंपनी बेंगलुरु द्वारा आर्डर किए गए उत्पाद की राशि 165 रुपये वापस दिए जाने और 10 हज़ार रुपए की क्षतिपूर्ति दिए जाने का आदेश पारित किया गया है.
न्यायनलीन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जगदलपुर निवासी अधिवक्ता डी. सूर्यप्रकाश राव द्वारा ई – कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के माध्यम से सिंक क्लीनर उत्पाद कैश ऑन डिलीवरी के माध्यम से क्रय किया गया था. आवेदक द्वारा उत्पाद प्राप्त होने के पश्चात यह पाया गया कि उक्त उत्पाद आवेदक द्वारा प्रेषित ऑर्डर से भिन्न था. जिसकी सूचना ऑनलाइन फ्लिपकार्ट कंपनी से की गई थी, जिस पर फ्लिपकार्ट कंपनी के माध्यम से एक कर्मचारी भेजा गया था किंतु कर्मचारी द्वारा उत्पाद को वापस लेने से मना कर दिया गया था. जिससे क्षुब्ध होकर आवेदक द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत पेश की गई थी. जिस पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने माना है कि ई – कॉमर्स संस्थाएं इच्छुक विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को एक मंच प्रदान करती हैं और वस्तुओं की बिक्री और खरीद के अनुबंधों को अस्तित्व में लाने के लिए उनके बीच संचार के साधन के रूप में कार्य करती हैं. इसलिए ऐसी ई – कॉमर्स संस्थाओं को अधिनियम के प्रयोजनों के लिए सेवा प्रदाता माना जाता है. फ्लिपकार्ट कंपनी द्वारा आवेदक की कैंसिलेशन रिक्वेस्ट को निरस्त कर सेवा में कमी एवं व्यावसायिक कदाचरण किया गया है. इस हेतु आवेदक को हुई मानसिक पीड़ा एवं व्यावसायिक कदाचरण हेतु 10 हज़ार रुपए की क्षतिपूर्ति पृथक से दिए जाने का आदेश पारित किया गया है. जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल और सदस्य सीमा गोलछा की संयुक्त खंडपीठ द्वारा उक्त आदेश जारी किया गया है.