सुकमा (डेस्क) – बस्तर के शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आकाश गिरपूंजे की शहादत से जुड़े आईईडी ब्लास्ट मामले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है. राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) ने इस संवेदनशील मामले में एक आरोपी माओवादी नेता को गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी घटना के लगभग एक महीने बाद की गई है.
मामला बीते 9 जून 2025 का है, जब सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र के ग्राम ढोंढ़रा में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश गिरपूंजे वीरगति को प्राप्त हुए थे. इस विस्फोट में एसडीओपी भानुप्रताप चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस हमले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था.
घटना की गंभीरता को देखते हुए 12 जून को छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ने मामले की विवेचना राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) को सौंपी. इसके बाद SIA की टीम ने लगातार कोंटा और सुकमा क्षेत्र में गहन जांच अभियान चलाया. इसी कड़ी में 8 जुलाई 2025 को एजेंसी को अहम सफलता मिली, जब घटना के एक प्रमुख आरोपी सोढ़ी गंगा पिता सोढ़ी सिंगा को गिरफ्तार किया गया. आरोपी प्रतिबंधित माओवादी संगठन में क्षेत्रीय जनताना सरकार (RPC) का अध्यक्ष बताया जा रहा है और वह थाना भेज्जी क्षेत्र के ग्राम नीलमडगू का निवासी है.

गिरफ्तारी के बाद प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने न केवल घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, बल्कि इस षड्यंत्र में शामिल अन्य नक्सलियों के नामों का भी खुलासा किया है. एजेंसी ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है.
आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103, 109, 190, 191(2), 191(3), 61(2), आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 व 5, और विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13, 16, 18, 20, 23 के तहत अपराध दर्ज किया गया है.
SIA के अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है. एजेंसी द्वारा अब अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
इस सफलता को राज्य पुलिस और SIA की सतत निगरानी, त्वरित कार्रवाई और पेशेवर प्रतिबद्धता का परिणाम माना जा रहा है. शहीद आकाश गिरपूंजे के परिजनों सहित पूरे पुलिस बल को अब न्याय की दिशा में उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी है.