सुकमा (डेस्क) – जिले के माओवादी प्रभावित रहे एलमागुंडा क्षेत्र में आज शनिवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 131 वीं बटालियन द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का संचालन कमांडेंट दीपक कुमार साहू के निर्देशन में किया गया, जिसमें द्वितीय कमान अधिकारी मौलि मोहन कुमार और जमील अहमद की उपस्थिति रही.

कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम एलमागुंडा, मिनपा, पटेलपारा और भटपाड़ा के दर्जनों ग्रामीण एफओबी एलमागुंडा स्थित कैंप पहुंचे. इस अवसर पर सहायक कमांडेंट जितेंद्र राजपूत (OC-E/131) एवं उनकी टीम द्वारा ग्रामीण परिवारों को रेडियो सेट वितरित किए गए. साथ ही उपस्थित सभी ग्रामीणों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई, जिससे आपसी स्नेह और विश्वास का वातावरण बना.
सिविक एक्शन कार्यक्रम के माध्यम से CRPF ने यह संदेश दिया कि “ग्रामीण हमारे परिवार हैं और गांव हमारा घर.” यह वाक्य केवल आदर्श नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बनकर सामने आ रहा है. सुरक्षाबलों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी तैनाती न केवल सुरक्षा के लिए है, बल्कि विकास के सहभागी के रूप में भी है.
कार्यक्रम में ग्रामीणों को केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई. अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि सुरक्षाबलों की मौजूदगी उनके कल्याण, सुरक्षा और समग्र विकास के लिए है. यह संवाद लंबे समय से बने अविश्वास को तोड़ने में मददगार साबित हो रहा है.
ज्ञात हो कि एलमागुंडा और इसके आसपास के गांव कभी नक्सल गतिविधियों के गढ़ माने जाते थे, लेकिन अब वहां की फिजा बदल रही है. मुख्यधारा से जुड़ने की ललक, सुरक्षाबलों पर विश्वास और सहयोग का वातावरण इलाके में नई उम्मीद जगा रहा है.
वर्तमान में एफओबी एलमागुंडा में तैनात 131वीं बटालियन की ई-कंपनी इस दिशा में लगातार प्रयासरत है. CRPF का यह सिविक एक्शन प्रोग्राम न केवल दिलों को जोड़ रहा है, बल्कि दुर्गम अंचलों में प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी भी बन रहा है.