सुकमा (डेस्क) – कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने आज कलेक्ट्रेट समाकक्ष में प्रेस वार्ता आयोजित कर जिले में चल रहे सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की प्रगति के संबंध में जानकारी दी. साथ ही अपील करते हुए कहा कि समाधान शिविरों के प्रचार – प्रसार में आप सभी सहभागी बने, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को शिविर का लाभ मिल सके. इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ नम्रता जैन भी उपस्थित थीं.
कलेक्टर श्री ध्रुव ने पत्रकारों को बताया की छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन की स्थापना को लेकर लगातार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. शासन – प्रशासन के हर स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता आए, योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन हो, और इनका लाभ उन जरूरतमंद वर्गों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचे, जिनके लिए ये योजनाएं बनाई गई हैं. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य में “सुशासन तिहार-2025 का आयोजन किया जा रहा है. इस तिहार का उद्देश्य आमजनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान, शासकीय योजनाओं की समीक्षा और निगरानी, विकास कार्यों में तेजी लाना और जनता, जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है. पत्रकारवार्ता के दौरान पत्रकारों ने भी कलेक्टर श्री ध्रुव के समक्ष अपनी बात को रखा.
सुशासन तिहार – 2025 का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है. पहला चरण 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आयोजित हुआ. जिसमें आम जनता से उनकी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए हैं. ये आवेदन समाधान पेटी, शिविर और ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से लिए गए हैं. आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर की गई थी. हाटबाजारों में भी आवेदनों का संग्रह किया गया है. सुकमा जिले में कुल 50444 आवेदन प्राप्त हुए हैं. निराकरण की कार्यवाही जारी है. दूसरे चरण में इन प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड कर संबंधित विभाग, जनपद और नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजकर उनके गुणवत्तापूर्ण निराकरण की कार्रवाई की जा रही है. मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जा रहा है.
काफी मांगें प्रधानमंत्री आवास योजना व उज्जवला योजना से सम्बन्धित हैं, जिनके बारे में राज्य सरकार भारत सरकार से अतिरिक्त लक्ष्य के लिए आग्रह कर रही है. इन योजनाओं में लक्ष्य प्राप्त होने पर आवेदकों की मांगें पात्रतानुसार निराकरण हो जायेगी. आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता की समीक्षा जिला और राज्य स्तर पर की जा रही है. तीसरे एवं अंतिम चरण की शुरूआत 5 मई से हो रही है, जो 30 मई तक चलेगा. इस दौरान जिले के 8 से 15 ग्राम पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा. नगरीय निकायों में भी शिविर लगाए जाएंगे. जिले में ग्रामीण स्तर पर कुल 26 समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे, शिविरों की तारीख स्थानवार पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है. इन शिविरों में आवेदकों को उनके आवेदनों पर की गई विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी दी जाएगी. शिविरों में नए आवेदन भी लिए जाएंगे और जिन मामलों का समाधान वहीं संभव होगा, उनका मौके पर ही निराकरण किया जाएगा.
इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों में भी रहेगी. तीसरे चरण के दौरान मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्रीगण, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी कुछ समाधान शिविरों में शामिल होंगे और आमजनता से सीधा संवाद करेंगे. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विकास कार्यों और योजनाओं का औचक निरीक्षण भी करेंगे और योजनाओं के जमीनी लाभ के बारे में फीडबैक लेंगे. मुख्यमंत्री जिला मुख्यालय पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे, जिसमें शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति, विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी. मुख्यमंत्री श्री साय अपने प्रवास के दौरान प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे और विभिन्न संगठनों एवं नागरिकों से भेंट भी करेंगे.