नवीन कश्यप, सुकमा- छत्तीसगढ़ के सभी राज्यों में 9 दिसंबर को पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर आवश्यक संसाधन की मांग करते हुए विरोध दर्ज कराया है. और 16 दिसंबर से सभी ऑनलाइन कार्य, ट्रेनिंग सभी व्हाट्सएप ग्रुप का बहिष्कार करने का ऐलान किया है. साथ ही सुकमा जिले में शासकीय अवकाश के दिनों में बैठक व अन्य प्रशिक्षण आयोजित नहीं करने के लिए सुकमा कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया है.
पटवारी संघ के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन ने 2 फरवरी 2022 को शासकीय कर्मचारियों की कार्य क्षमता और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए माह के दूसरे और तीसरे शनिवार की भांति सभी शनिवार को अवकाश घोषित किया गया है. शासन की मंशा अनुरूप शासकीय अवकाश के दिनों में शासकीय कर्मचारियों से कार्य नहीं करवाया जाना चाहिए. लेकिन लगातार ज़िले में अवकाश के दिनों में भी कार्य करवाया जा रहा है. जिसके कारण मांग करते हुए कहा कि आपातकालीन स्थिति को छोड़कर शासकीय अवकाश के दिनों में बैठक, प्रशिक्षण आयोजित न किया जावे. साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पटवारी संघ के मांग को अनसुना किया जाता है तो अवकाश के दिनों में आहूत शासकीय बैठक, प्रशिक्षण का बहिष्कार करने को विवश होंगे.