सीमावर्ती राज्य के समीप खरीदी केंद्रों के पर्यवेक्षण और निगरानी के लिए उड़नदस्ता – विशेष जांच दल का गठन

जगदलपुर (अमन दास मानिकपुरी). जिले में धान खरीदी कार्य की तैयारी जोरों पर है. शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024 – 25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य 14 नवम्बर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक किया जाना है. कलेक्टर हरिस एस. के निर्देशन में धान खरीदी के लिए तैयारी जारी है. जिला स्तरीय अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्रों में मॉनिटरिंग के लिए नोडल अधिकारी के रूप में ड्यूटी लगाई गई है.

कलेक्टर हरिस ने धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्र में कांटा – बांट, नामतौल, बारदाना, कम्प्यूटर सेट, प्रिंटर, रखरखाव, पेयजल, स्वास्थ्य किट, छांव, बायोमेट्रिक डिवाईस मशीन, मानव संसाधन सहित अन्य व्यवस्थाओं सुनिश्चित करने कहा. उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने तथा उन्होंने आद्र्रतामापी यंत्र से धान की नमी को मापने कहा. उन्होंने खरीदी केन्द्र में धान खरीदी की दर सूची फ्लैक्स लगाने कहा है. उन्होंने अधिकारियों को धान खरीदी कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए है. कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की सतत निरागनी रखने तथा कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी – बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है. उन्होंने धान खरीदी के लिए किसानों को ऑफलाईन एवं टोकन तुंहर दुआर मोबाईल एप से ऑनलाईन टोकन लेने कहा. उल्लेखनीय है कि बस्तर जिले में 79 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से खरीदी की जाएगी है. खरीदी केन्द्रों में विपणन संघ द्वारा लगभग 11853 गठान बारदाना प्रदाय किया गया है. जिले में अब तक कुल पंजीकृत किसान 53034 है, जिसमें नए पंजीकृत किसान 2408 है. जिले में धान खरीदी के लिए किसानों में बहुत उत्साह है नए किसानों ने समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए पंजीयन करवाने की बात कहते हुए सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी करने से किसानों में खुशी है.

कलेक्टर हरिस एस. ने किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अवधि के दौरान सीमावर्ती राज्यों से अवांछित व्यक्तियों के द्वारा धान लाकर खरीदी केन्द्रों में पंजीकृत किसान के धान के रकबे में खपाने/बेचने का प्रयास करने वालों तथा ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में कोचियों एवं बिचौलियों के द्वारा चिल्हर रूप धान की खरीदी कर समिति पंजीकृत किसान के रकबे में बेचने का प्रयास करने वालों खिलाफ कार्यवाही हेतु जिले के धान खरीदी केन्द्रों में अवैध धान की आवक पर रोक लगाने एवं धान खरीदी केन्द्रों में पर्यवेक्षण एवं निगरानी हेतु विकासखण्डवार तहसीलदारों के नेतृत्व में उडनदस्ता – विशेष जांच दल का गठन किया गया है. इसके अलावा धान उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से अवैध रुप से धान लाकर सीमावर्ती धान खरीदी केन्द्रों में विक्रय करने की आशंका रहती है. अतः शासन के निर्देशानुसार जिले के सीमावर्ती जांच नाकों में अवैध धान के आवक पर विशेष निगरानी रखने हेतु जांच नाका धनपुंजी, भेजापदर, कोलावल, बदलावंड, पोटियावंड, नलपावन्ड और तारापुर में अधिकारी – कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गई है. जिसमें सीमावर्ती राज्य से अवैध रुप से बगैर दस्तावेज के धान के परिवहन होने पर नियमानुसार कार्यवाही करेंगे. मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर पंजी संधारित कर निश्चित रुप से प्रविष्टि की कार्यवाही करेंगे.

कलेक्टर ने जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2023 – 24 में जिन खरीदी केंद्रों में 1 प्रतिशत से अधिक कमी वाले खरीदी केंद्रों को संवेदनशील खरीदी केंद्र माना गया है. ऐसे 11 खरीदी केंद्र को चिन्हांकित किया गया है. साथ ही सुचारू रूप से धान खरीदी एवं निराकरण हेतु इन खरीदी केंद्रों में विशेष निगरानी के लिए नोडल अधिकारी के निगरानी में धान खरीदी कार्य किया जाएगा, केंद्रों में धान के सुरक्षित रख रखाव के लिए चबूतरे का समुचित उपयोग, ड्रेनेज तथा तारपोलिन की पर्याप्त व्यवस्था किया गया है. इन खरीदी केंद्रों से धान का निराकरण और परिवहन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा. संवेदनशील खरीदी केंद्रों में शनिवार – रविवार को धान की भौतिक स्टॉक का सत्यापन अनिवार्य किया जाने का निर्देश दिया गया है.

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