जगदलपुर (अमन दास मानिकपुरी). “विधिक सेवा दिवस” के अवसर पर बीते शनिवार 9 नवंबर को शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जगदलपुर में विधिक जागरूक शिविर का आयोजन किया गया. उक्त आयोजन का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष मनीष कुमार ठाकुर के द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और महाविद्यालय के विधिक संकल्प के छात्राओं द्वारा छत्तीसगढ़ी राजकीय गीत गाकर किया गया.
इस मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए जगदलपुर जिला न्यायाधीश मनीष कुमार ठाकुर ने कहा कि अपने दैनिक जीवन में विधि के उपयोग एवं कर्तव्यों का पालन करने और जागरूक करने के लिए प्रेरित करते हुए हम अपने कर्तव्यों के बारे में जागरूक होंगे तो अपराध में कमी आएगी. इसके साथ ही इस शिविर में मौजूद जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जगमोहन शंकर पटेल, श्रीमती वंदना वर्मा और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रूपनारायण पठारे ने छात्रों को पॉक्सो एक्ट से सम्बंधित जानकारी देते हुए विधिक सेवा प्राप्त करने हेतु प्रेरित करते हुए विधिक सेवा के रूप में कानूनी सलाह एवं सहायता प्राप्त करने के लिए प्रबंध कार्यालय की भूमिका बताते हुए विधिक सेवा समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक कैसे पहुंचाए, के सम्बंध में विस्तार से बताते हुए लोक अदालत मध्यस्थता के माध्यम से प्रकरणों को जल्द निपटाने के लिए प्रेरित किया. वहीं शिविर में शामिल विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री अंकिता कश्यप ने विधिक सेवा प्राधिकरण में आमजन कैसे निःशुल्क कानूनी सेवा प्राप्त कर सकते है, बताते हुए बीते 9 नवंबर को विधिक सेवा दिवस मनाए जाने के सम्बंध में विस्तार से बताते हुए शिविर में उपस्थित छात्रों को आर्थिक रूप से गरीब को न्याय प्राप्त करने में कोई कठिनाई ना हो, उसे विधिक सेवा अधिनियम के तहत लाभ प्रदान करने के लिए पहल करने हेतु भी प्रेरित किया. इस मौके पर प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने छात्रों को विधि के ज्ञान से समाज के पिछड़े लोगों के उत्थान के लिए उपयोग करने तथा जीवन के अनुशासन बनाये रखने की जानकारी दी. आयोजित शिविर के दौरान प्रध्यापक डॉ. मोहन सोलंकी समेत अन्य प्राध्यापकगण, छात्र – छात्राएं और जिला विधिक प्राधिकरण के कर्मचारी भी उपस्थित थे.