नवीन कश्यप, सुकमा- नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में एक बार फिर माओवादियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए और नक्सल दहशत फैलाने के लिये एक शिक्षादूत की जन अदालत लगाकर हत्या कर दी है. हत्या की पुष्टि सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने की है.
सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताता कि 14 सितंबर को जगरगुंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जंगल में माओवादियों ने अपनी जन अदालत लगाई थी. और इस जनअदालत में पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर माओवादियों ने जनता के बीच लगे अदालत में दूधी अर्जुन को मौत का फरमान सुनाया. और सुकमा जिले के गोंदपल्ली निवासी दूधी अर्जुन जो शिक्षादूत का कार्य करता था.उसकी लाठी डंडे से मार मारकर और रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी. और उसके परिजनों को भी धमकी दी. धमकी के कारण परिजन मौत के दूसरे दिन आज 15 सितंबर को शव का अंतिम संस्कार करने की सूचना मिली है. साथ ही बताया कि जनअदालत लगाकर हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले माओवादियों के खिलाफ़ जगरगुंडा थाने में अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है. इसके साथ ही घटना में शामिल आरोपी माओवादियों की पतासाजी की जा रही है. साथ ही कहा कि साल 2024 में अलग अलग घटनाओं में माओवादियों को पहुंचे क्षति से नक्सली बौखलाए हुए हैं. और लगातार अंदरूनी इलाको में खुल रहे सुरक्षाकैम्प से बौखलाहट में हैं. और आम नागरिकों को अपना निशाना बना रहे हैं. इधर कुछ दिनों पहले ही अबूझमाड़ के जंगल में 2 व्यक्तियों की जनअदालत लगाकर माओवादियों ने फांसी पर टांग दिया था. और एक बार फिर से एक शिक्षादूत की हत्या कर दी है.