जगदलपुर. लगभग एक साल के बाद आज शुक्रवार को जगदलपुर नगर निगम की सामान्य सभा आयोजित हुई. इस सामान्य सभा की शुरुवात ही भारी हंगामे के बीच हुई. इस हंगामे के दौरान भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के बीच हल्की झूमाझटकी भी हो गई. जिसे वहां मौजूद अन्य पार्षदों ने शांत करवाया. हंगामे को देखते हुए नगर निगम सभापति को दो बार सदन स्थगित करना पड़ा. लंबे समय तक चले सदन में हंगामे में भाजपा के पार्षदों ने सदन में पेश हुए सभी 13 एजेंडों को बहुमत देकर उसे पारित कर दिया. जिसकी वजह से कांग्रेसी पार्षद नाराज हो गए.

बता दें कि, नगर निगम की पिछली सामान्य सभा बीते वर्ष 28 जुलाई 2023 को आयोजित हुई थी. इसके बाद आज नगर निगम की सामान्य सभा आयोजित हुई. इस सामान्य सभा में 13 एजेंडों पर चर्चा होने के बाद नगर सरकार को अपना फैसला लेना था. सदन की कार्यवाही कांग्रेस के पार्षद राजेश राय के पहनावे को लेकर हंगामे के साथ शुरू हुई. भाजपा के पार्षदों ने राजेश राय के पहनावे को सदन का अपमान बताते हुए आपत्ति जताई. जिसके बाद कांग्रेस पार्षद दल ने इसे विरोध प्रदर्शन बताया. भाजपा पार्षद दल लगातार नगर निगम सभापति कविता साहू से पार्षद राजेश राय को सदन से बाहर करने या कपड़े बदलकर सदन में आने की मांग करने लगे. लेकिन कांग्रेस पार्षद दल ने इससे इनकार कर दिया. हंगामे को देखते हुए नगर निगम सभापति कविता साहू ने 15 मिनट के लिए सदन स्थगित कर दिया. 15 मिनटों के बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई. लेकिन फिर इसी मामले को लेकर हंगामा शुरू हो गया. इसी हंगामे के दौरान भाजपा पार्षद यशवर्धन राव ने कांग्रेस पार्षद राजेश राय को कचरा कहते हुए बाहर जाने की बात कह डाली. जिसकी वजह से कांग्रेस पार्षद दल यशवर्धन राव का विरोध करने लगे. इसी विरोध के बीच कांग्रेसी पार्षद विक्रम सिंह डांगी ने सदन में एक अखबार का कटिंग दिखाकर भाजपा के पार्षद संजय पांडेय पर आरोप लगाना शुरू कर दिया. विक्रम सिंह डांगी ने सदन में कहा कि जब शहर की महापौर सफिरा साहू कांग्रेस में थी तब संजय पांडेय महापौर के काम की जांच करने की मांग को लेकर थाने में एफआईआर तक कराने पहुंच गए थे. लेकिन अब जब महापौर भाजपा में शामिल हो गई है तो कोई जांच नही हो रही है. इस मामले को लेकर कांग्रेसी पार्षदों ने संजय पांडेय को घेरने की कोशिश करने लगे. इसी बीच कांग्रेस पार्षद राजेश राय ने भाजपा के पार्षद यशवर्धन पर तीखी टिप्पणी कर दी. जिससे यशवर्धन राव नाराज हो गए. यशवर्धन राव अपनी जगह से उठकर सभापति के पास अपनी नाराजगी जाहिर करने पहुंच गए. इस दौरान कुछ कांग्रेसी और भाजपा के पार्षद भी सभापति के पास पहुंच गए. इसी बीच कांग्रेसी पार्षद विक्रम सिंह डांगी और भाजपा पार्षद संजय पांडेय के बीच हल्की सी झूमाझटकी हो गई. मौके पर मौजूद अन्य पार्षदों के हस्तक्षेप के बाद मामला कुछ देर के लिए शांत हुआ. इसके बाद संजय पांडेय ने सभापति पर पक्षपात करने का आरोप लगाया. इसके बाद महापौर सफिरा साहू एक मामले को लेकर कांग्रेस पार्षद राजेश राय पर महिला सम्मान का अपमान करने का आरोप लगाया. वहीं सदन में मौजूद आलोक अवस्थी ने आज की सामान्य सभा का काला दिन बताया. उन्होंने कहा की सदन की कार्यवाही नियम और बहुमत से संचालित होगी. इसी बीच कांग्रेस पार्षद कमलेश पाठक ने संजय पांडेय पर हमला बोलते हुए उन पर नेता प्रतिपक्ष को नगर निगम में कमरा नही देने का आरोप लगाना शुरू कर दिया. संजय पांडेय का बचाव करते हुए भाजपा की महिला पार्षद भारती श्रीवास्तव सामने आ गई. भारती ने कांग्रेसी पार्षदों को कुर्सी का लालच होने का आरोप लगाया. दोनों पार्षद दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का यह सिलासिला बहुत देर तक जारी रहा. इसके बाद सभापति ने सदन में एजेंडों पेश करने और उस पर चर्चा करने के निर्देश दिए. लेकिन कांग्रेसी पार्षद एजेंडों पर चर्चा से पहले प्रश्नकाल शुरू करने की मांग करने लगे. जिसे लेकर एक बार फिर दोनों पार्षद दल आमने सामने हो गए. सदन में फिर हंगामा शुरू हो गया. इसके बाद यशवर्धन राव ने सदन में बताया कि कुल 13 मुद्दों पर चर्चा होनी है. इनमें से 8 मुद्दे कांग्रेस शासन काल के है. जिसके बाद कांग्रेस पार्षदों ने इसका भी विरोध करना शुरू कर दिया. मुद्दों का विरोध को देखते हुए महापौर सफिरा साहू ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कांग्रेसी पार्षदों को शहर का विकास विरोधी कह दिया. इसी दौरान सभापति ने प्रश्नकाल से पहले 13 एजेंडों पर चर्चा करने की अनुमति दे दी. जिससे एक बार फिर कांग्रेसी पार्षद दल नाराज हो गया. कांग्रेस पार्षद दल ने सभापति पर उनके साथ पक्षपात करने का आरोप लगा दिया. इसके बाद अचानक ही भाजपा के पार्षद ने अटेंडेंस रजिस्टर में कांग्रेस पार्षदों के द्वारा हस्ताक्षर नही करने को लेकर सभापति से शिकायत की. जिसको लेकर फिर हंगामा शुरू हो गया. भारी हंगामे के बीच भाजपा ने बहुमत के साथ सभी 13 एजेंडों को सदन में पारित कर दिया. वहीं प्रश्नकाल के बाद नगर निगम सभापति ने सदन की कार्यवाही स्थगित की.