जगदलपुर. बस्तर आईजी ने आज सोमवार को माओवादियों को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है. बस्तर आईजी ने माओवादियों के संगठन में विश्वासघात, अंतर कलह और विद्रोह होने की बात कही है.

बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि इस साल 2024 में बस्तर संभाग के माओवादियों के खिलाफ चलाये गए अभियान में अभी तक कुल 153 से ज्यादा माओवादियों को सुरक्षाबल के जवानों ने मार गिराया है. इसके साथ ही सुरक्षाबल ने मारे गए सभी माओवादियों के शवों को बरामद किया है. वहीं बीते 8 महीनों में बस्तर संभाग में ही सुरक्षाबल के जवानों ने छत्तीसगढ़ राज्य से लगे तेलांगाना, ओड़िसा, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों के बड़े माओवादी नेताओं को भी ढेंर करने में सफलता हांसिल की है. ऐसा यह प्रदेश में पहला मामला है. आईजी ने बताया कि माओवादी एक रणनीति के तहत सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ के दौरान स्थानीय माओवादियों को मानव सुरक्षा कवच की तरह इस्तेमाल करते हुए बाहरी राज्य के बड़े माओवादी नेता अपनी जान बचाकर भाग जाते है. लेकिन माओवादियों की यह रणनीति भी अब विफल होते दिख रही है. आईजी ने बताया कि पुलिस को विश्वनीय सूत्रों से सूचना मिली है कि वर्ष 2024 में तेलांगाना, ओड़िसा, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के माओवादियों के बड़े नेताओं की दुर्गति को देखते हुए माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व में खलबली मच गई है. जिसकी वजह से बाहर के माओवादी अब स्थानीय माओवादियों पर शक करते हुए उन्हें प्रताड़ित कर रहे है. जिससे माओवादी संगठन में विश्वासघात और विद्रोह जैसी स्थिति निर्मित हो रही है. उन्होंने बताया कि बीते शुक्रवार को बस्तर संभाग के कांकेर जिले के परतापुर क्षेत्र के ग्राम मलमपेंटा के जंगल में माओवादियों ने गद्दारी का आरोप लगाते हुए अपने ही एक साथी विज्जा मड़काम की हत्या कर दी. आईजी ने बताया कि मारा गया माओवादी विज्जा मड़काम राजनांदगांव – कांकेर डिवीज़न का कमांडर था. यह हत्या माओवादी संगठन के नेता विजय रेड्डी के इशारे पर हुई है. आईजी ने कहा कि माओवादी के बड़े लीडर अपने संगठन के इन अंदरूनी कलह से खुद के साथी और आम जनता का ध्यान भटकाने के लिए झूठे आरोप लगाकर ऐसी हत्याओं को अंजाम दे रहे है. उन्होंने बताया कि बीते दिनों बस्तर संभाग में माओवादियों को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है. जिसकी वजह से माओवादी संगठन दिशा विहीन हो चुका है. बाहरी राज्य के बड़े माओवादी नेताओं ने विगत 30 – 40 वर्षों से स्थानीय माओवादियों को अपनी ढाल की तरह इस्तेमाल कर अरबों – करोड़ों रुपयों की लूट खसोट की है. लेकिन अब स्थानीय माओवादियों के सामने बाहरी माओवादियों का असली चेहरा बेनकाब हो रहा है. इसी वजह से माओवादियों के बीच विश्वासघात और विद्रोह की स्थिति बनते जा रही है. बस्तर आईजी ने अपील करते हुए कहा है कि स्थानीय माओवादियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर शासन के समक्ष आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई और विकल्प नही है. इसके साथ ही उन्होंने बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए माओवादी संगठन के गिने चुने समर्थकों की साजिश और चंगुल से बाहर आकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सुरक्षित तथा विकसित बस्तर की भागीदारी बनने की अपील की है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed