दंतेवाड़ा (कवि सिन्हा). बीते कुछ दिन पहले भास्कर दवाखाना नाम से संचालित प्राइवेट क्लीनिक में चंदेनार के ग्रामीण इलाज कराने पहुँचे थे. क्लीनिक के संचालक द्वारा ग्रामीण ईलाज के नाम पर कोई इंजेक्शन लगाया गया, जिससे उसकी एक घंटे बाद मौत हो गई. इस घटना की जानकारी जब ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा को दी तो उन्होंने तत्काल क्लीनिक संचालक के ऊपर एफआईआर दर्ज करने ग्रामीणों को जिला मुख्यालय बुलाया. आज कोतवाली पहुँच मृतक के परिजनों ने जिपं अध्यक्ष के नेतृत्व में क्लीनिक संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया. मृतक परदेशी तेलाम के परिजनों ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे परदेशी को शरीर में दर्द और पेट में दर्द शुरू हुआ, जिसके बाद उसे परिजनों ने भास्कर दवाखाना लेकर गए. वहाँ दवाखाना के संचालक द्वारा कोई पाउडर घोल के पीने के लिए दिया गया फिर इंजेक्शन लगाई गई. मरीज का हालत बिगड़ता देख संचालक ने उन्हें क्लीनिक से जल्दी जाने को कहा. परदेशी के परिजन उसे दूसरे डॉक्टर को दिखा पाते उससे पहले परदेशी ने दम तोड़ दिया. इस घटना को लेकर जिपं अध्यक्ष ने स्वास्थ्य विभाग पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि भास्कर दवाखाना शुरू से ही हमारे भोले भाले आदिवासी भाई-बहनों के साथ छल करता आ रहा है. इससे पहले भी उसके खिलाफ कई शिकायतें आ चुकी पर स्वास्थ्य विभाग हमेशा उसे संरक्षण देता आ रहा है. तुलिका ने कहा कि चंदेनार के ग्रामीणों की तरह कई अंदुरुनी गाँव के ग्रामीण भास्कर दवाखाने के संचालक की बातों में आ जाते हैं और ईलाज के नाम पर उसे मोटी रकम अदा कर देते हैं. तुलिका ने बताया कि इस मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से बात हुई उन्होंने ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही क्लीनिक संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जिपं अध्यक्ष ने कहा कि क्लीनिक संचालक द्वारा ईलाज करने के बाद कोई पर्ची या रसीद मरीजों को नहीं दी जाती जिससे पता ही नहीं चलता कि उसे ईलाज के नाम पर क्या इंजेक्शन व दवाइयां दी जा रही है. इस मामले को लेकर अगर समय रहते कोई कड़ी कारवाई या उसका लाइसेंस निरस्त नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ भास्कर दवाखाने पहुँच धरना प्रदर्शन किया जाएगा.

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