सुनील कश्यप, सुकमा- बस्तर संभाग का सुकमा जिला नक्सल प्रभावित होने के साथ ही यहां के ग्रामीणों को जंगली जानवरों के खतरे से भी प्रतिदिन दो चार होना पड़ता है. मानसून के दिनों में जंगली जानवरों का खतरा और भी बढ़ जाता है. ऐसा ही एक घटना एक बार फिर से सुकमा जिले में देखने को मिला है. 6 भालुओं के हमले से एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया है. जिसे सुकमा जिले में प्राथमिक उपचार करने के बाद बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के लिए रवाना किया गया है. ग्रामीण की स्थित चिंताजनक बनी हुई है.
मिली जानकारी के अनुसार सुकमा जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित बेलवापाल गांव का निवासी ग्रामीण मांडवी हूंगा अपने घर से फसल देखने के लिए खेत की ओर गया हुआ था. और शाम के वक्त अचानक भालुओं का झुंड वहां आ गया. और ग्रामीण माड़वी हूंगा को चारों तरफ से घेर लिया. और एक के बाद एक करते हुए सभी ने ग्रामीण हूंगा के ऊपर हमला किया. हमलें के बाद ग्रामीण चीखने चिल्लाने लगा. जिसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़कर खेत तक पहुंचे. और लोगों की भीड़ को देखकर भालू भाग गए. जिसके बाद आसपास के लोगों ने 108 संजीवनी एक्सप्रेस को इसकी सूचना दी. जानकारी लगते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंचकर ग्रामीण को उपचार के लिए सुकमा जिला अस्पताल पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने घायल ग्रामीण का प्राथमिक उपचार किया. और घायल ग्रामीण की नाज़ुक स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए बस्तर जिले के मेडिकल कॉलेज डिमरापाल रवाना कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि घायल ग्रामीण की स्थिति नाजुक बनी हुई है.