सुनील कश्यप, सुकमा- बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल लगातार जिले के अंदरूनी इलाकों में सिविक एक्शन कार्यक्रम करके ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करने का और उनकी जरूरतों को पूरा करने का काम कर रही है. ताकि ग्रामीणों का विश्वास सुरक्षा बल के जवानों के प्रति बढ़े और ग्रामीणों और जवानों के बीच की दूरी को कम किया जा सके.

इसी कड़ी में सुकमा जिले मे तैनात सीआरपीएफ की 02 बटालियन ने सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित किया. जिसमें रामाराम गांव के साथ ही बरगुड़ा, पातासुकमा, गोलाकुबेर, गुडकेल से लगभग 480 बुजुर्ग महिला पुरुष नौजवान और छोटे बच्चे उपस्थित हुए. इसके अलावा छात्रावास व स्कूल से लगभग 100 छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे. सीआरपीएफ के सिविक एक्शन कार्यक्रम में मेडिकल कैम्प का भी आयोजन किया गया. जिसमें ग्रामीणों को मलेरिया, सर्दी, खांसी, बुखार, बीपी का ईलाज किया गया. और उन्हें निशुल्क दवाई भी दिया गया. इसके अलावा ग्रामीणों को दैनिक उपयोग की सामग्री भी वितरण किया गया. जिसमें स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर फिल्टर, साड़ी, छाता, फसलों का बीज और खाद वितरण किया गया. साथ ही छात्रावास और अन्य स्कूलों स्कूलों से पहुंचे छात्र-छात्राओं को पर्याप्त मात्रा में शिक्षा सामग्री वितरण किया गया.

सीआरपीएफ के कमांडेंट रतिकांत बेहरा ने सिविक एक्शन प्रोग्राम में उपस्थित सभी ग्रामीणों और बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हम आपकी सुरक्षा और सहयोग के लिए हमेशा तत्पर हैं. यदि भविष्य में आपको या आपके परिवार को किसी भी प्रकार की परेशानियां होती है तो आप बिना डरे हमारे किसी भी कैंप में आ सकते हैं. और हम हर संभव मदद करने को तैयार हैं. इसके साथ ही नौजवानों से यह अपील किया कि नौजवान 12वीं पास है तो उन्हें हम सुरक्षाबलों में भर्ती होने का प्रशिक्षण देंगे और उनकी शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा की भी तैयारी कराएंगे ताकि क्षेत्र में युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके. इसके अलावा एफ कंपनी के कंपनी कमांडर पीरदान ने ग्रामीणों से कहा कि हम आपके बीच में रहते हुए आपके हर सुख दुःख में शामिल हैं. बच्चों को साफ सफाई और शिक्षा के बारे में जागरूक किया. यदि कोई बच्चा अपनी आर्थिक समस्याओं के चलते अपनी शिक्षा निरंतर नहीं कर पा रहा है तो उस स्थिति में भी सीआरपीएफ हर संभव मदद करने के लिए तत्पर है.

इस आयोजन को सफल बनाने में CRPF की 02 बटालियन के सभी कार्मिकों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया. इसके अलावा अंदरूनी क्षेत्रों के विभिन्न गांव के जनप्रतिनिधियों ने भी इस कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. और उन्होंने कहा कि अंदरूनी इलाके में सीआरपीएफ कैंप खुलने से लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और क्षेत्र में विकास कार्य भी तेजी से हो रहा है.

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