सुनील कश्यप, सुकमा- रविवार को सुकमा जिला मुख्यालय स्थित मिनी स्टेडियम में सामूहिक विवाह का आयोजन संपन्न करवाया गया. नवयुवक एवं नवयुतियों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम के द्वारा परिणय सूत्र में बांधकर सुकमा में नई मिसाल पेश की गई. इस कार्यक्रम में वर-वधु के प्रत्येक जोड़े को एक जोड़ी कपड़ा, चप्पल, 01 कंबल, 1 बक्सा, जेवर जिसमें पायल, नाक की बाली, हार आदि प्रदान किया गया. सभी जोडे व उनके रिश्तेदारों ने सामुहिक विवाह की प्रशंसा की. इसके अतिरिक्त लगभग 250 लोगों को जिसमें वर-वधु व उनके रिश्तेदार शामिल हुए थे, स्वल्पाहार व भोजन प्रदान किया गया. इस दौरान कलेक्टर हरीश एस, 74 बटालियन कमाण्डेन्ट डीएन यादव, कमाण्डेन्ट अरूण कुमार, कमाण्डेन्ट सारंग, कमाण्डेन्ट नवीन कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी पवन कुमार, अनामी शरण, अनिल रेड्डी, राजीव कुमार, संतोष कुमार, बिरजे गजानन जोतिबा, गोपाल बहादुर सुनार, करूणाकर बेहेरा, एएसपी ओम चन्देल, पल्लवी, सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे. कलेक्टर हरिस एस ने नव दांपत्य जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए सुखमय दांपत्य जीवन के लिए आशीर्वाद प्रदान किया.
जीवन को सफल बनाने का प्रयास : कमाण्डेन्ट
सीआरपीएफ द्वितीय वाहिनी कमाण्डेन्ट रतिकांत बेहेरा ने कहा कि द्वितीय वाहिनी द्वारा स्थानीय ग्रामीणों और नौजवानों के बीच शांति और सामंजस्य स्वरूप स्थापित करने में सीआरपीएफ अहम भूमिका निभा रही है. आज के विवाह कार्यक्रम में द्वितीय वाहिनी के तैनाती क्षेत्र गादीरास, कोर्रा, फूलबगड़ी, रामाराम और मिसमा आदि स्थानों से 12 जोड़ें वर-वधुओं का विवाह कराकर उनके जीवन को सफल बनाने का प्रयास किया गया. यह सामुहिक विवाह वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट, हरदोई एवं मैक्स लाईफ इंश्योरेंस के सहयोग से संपन्न करवाया गया.
मंत्री कवासी लखमा ने नवदम्पतियों को दिया आशीर्वाद
मंत्री लखमा ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर नवदम्पतियों को आशीर्वाद दिया. मंत्री कवासी लखमा ने नवदम्पतियों को आशीर्वाद के साथ उनके नव जीवन की शुरूआत के लिए शुभकामनाएं दी. साथ ही उन्होंने ने सामूहिक विवाह के आयोजन के लिए द्वितीय वाहिनी सीआरपीएफ व सामुहिक विवाह वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट, हरदोई एवं मैक्स लाईफ इंश्योरेंस का आभार जताया. और कहा कि पुलिस केवल लड़ने के लिए नहीं है बल्कि हर मुसीबतों में उसका साथ रहता है. चाहे बाढ़ की स्थिति निर्मित होती है, चाहे सड़क बनाने का काम हो. चाहे अन्य गतिविधियां हो सभी मे पुलिस की सहभागिता होती है. और इस बार पुलिस ने एक नया काम किया है. जिसके लिए वो बधाई के पात्र हैं.
दरअसल बस्तर संभाग का सुकमा जिला अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. अंदरूनी क्षेत्रों में नक्सली ग्रामीणों को अपने संगठन में शामिल करते हैं. और इन दिनों नक्सलवाद से निपटने के लिए सुरक्षा बल के जवानों को अंदरूनी क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि वे नक्सलियों से लोहा ले सकें. नक्सलियों से लोहा लेने के अलावा सुरक्षा बल के जवान लगातार ग्रामीणों से मिलकर उनके दिलों में जगह बनाने का काम कर रहे हैं. यही कारण है कि ग्रामीण अब सुरक्षा बल के जवानों के साथ मिलकर अपनी समस्याएं बता रहे हैं और सुरक्षा बल के साथ ही जिला प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करते हैं. आज के सामूहिक विवाह से अंदरूनी क्षेत्र के ग्रामीणों का पुलिस के प्रति विश्वास और बढ़ेगा.