दंतेवाड़ा (कवि सिन्हा)। छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय भवनों/कार्यालयों तथा कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र लगाए जाने के संबंध में संयुक्त सचिव छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश क्रमांक एफ 9-26/2019/1/5 नवा रायपुर अटल नगर दिनांक 28 जून 2022 को एक पत्र जारी किया था। प्रदेश के मुख्य भूपेश बघेल ने भी ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि अब सभी शासकीय कार्यालयों में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर लगाई जाएगी। इस आदेश को जारी हुए करीब 20 दिन से ज्यादा का समय हो चुका है पर संयुक्त जिला कार्यालय भवन दंतेवाड़ा में अब आधे से अधिक कार्यालयों में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर नहीं लग पाई है। जारी पत्र में यह भी स्पष्ट उल्लेखित है कि आदेश के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की अनुमोदित फोटोग्राफ्स की छायाप्रति सलंग्र है तथा जनसंपर्क संचालनालय छत्तीसगढ़ की वेबसाईट तथा सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाईट पर यह तस्वीर उपलब्ध करा दी गई है। हमारी टीम ने जब जिला कलेक्टोरेट के विभिन्न जिला कार्यालयों का निरीक्षण किया तो पाया कि आधे से अधिक कार्यालयों में तस्वीर नहीं लगी है। कुछ अधिकारियों से बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि उन्हें जानकारी तक नहीं है कि आदेश कब जारी हुई है और किस फ्रेम में छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो लगानी है।
इनका प्रतीक है छतीसगढ़ महतारी की प्रतीक
छत्तीसगढ़ राज्य कृषि प्रधान राज्यों की श्रेणी में आता है। इसे धान का कटोरा भी कहा जाता है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ महतारी के हाथों में धान की बाली और हसिया दिखाई देता है, यह उन्नत कृषि का प्रतीक है। वहीं सिर पर सजे मुकुट में भी छत्तीसगढ़ी परम्परा की झलक दिखाई पड़ती है। करधन, अइठी, खिनवा, मुंदरी, सांटी, टिकली छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को और भी सुंदर बनाती है।
राजगीत को लेकर भी हुआ था निर्णय
बीते दिनों राज्य सरकार ने किसी भी शासकीय आयोजन की शुरुआत राजगीत से करने का निर्णय लिया था, जिसके बाद अब सभी शासकीय कार्यक्रमों में पहले राजगीत अरपापैरी की धुन सुनाई देती है।