बीजापुर (डेस्क) – जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता विमल सुराना ने केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा योजना को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है. कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि सरकार के नए प्रावधानों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी और मजदूरों का हक छिन जाएगा.
पंचायती राज पर प्रहार का आरोप
प्रेस को संबोधित करते हुए विमल सुराना ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे नए कानूनों से ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के अधिकार लगभग खत्म हो जाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि, “सरकार शक्तियों का केंद्रीकरण कर रही है, जिससे अब गाँव के विकास की डोर चुने हुए प्रतिनिधियों के बजाय ठेकेदारों के हाथों में चली जाएगी.”
मजदूरों के हक और भुगतना पर संकट
विमल सुराना ने प्रेस वार्ता के दौरान मनरेगा में किए जा रहे बदलावों को ‘मजदूर विरोधी’ करार दिया. उनके संबोधन में कहा कि गारंटी की काम की कानूनी गारंटी को समाप्त किया जा रहा है, जिससे मजदूरों में असुरक्षा का भाव बढ़ेगा. न्यूनतम मजदूरी और सालाना बढ़ोतरी की कोई ठोस गारंटी नहीं रहेगी, जिससे मजदूरों की सौदेबाजी की ताकत खत्म हो जाएगी. डिजिटल सत्यापन और आधार आधारित भुगतान प्रणाली के अनिवार्य होने से लाखों गरीब मजदूर तकनीकी कारणों से अपनी मेहनत की कमाई से वंचित हो रहे हैं.
राज्यों पर आर्थिक बोझ और पलायन की आशंका
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की उस नीति की भी आलोचना की जिसमें मजदूरी का 40 प्रतिशत वित्तीय बोझ राज्यों पर डालने का प्रस्ताव है. श्री सुराना ने कहा, “यदि राज्यों पर यह बोझ डाला गया, तो राज्य सरकारों के लिए काम उपलब्ध कराना मुश्किल होगा. इसका सीधा परिणाम बेरोजगारी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर पलायन के रूप में सामने आएगा.”
कांग्रेस की आर – पार की जंग
प्रेस वार्ता के अंत में जिला कांग्रेस कमेटी ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए सरकार को घेरा, उन्होंने कहा कि मनरेगा में किए गए सभी मजदूर विरोधी बदलावों को तत्काल वापस लिया जाए. काम और मजदूरी की पुरानी कानूनी गारंटी को यथावत बहाल किया जाए. बढ़ती महंगाई को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 400 रुपये प्रतिदिन किया जाए.
इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने एक सुर में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया.