सुकमा (डेस्क) – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति-2025 सुकमा जिले में सकारात्मक बदलाव की नई इबारत लिख रही है. शासन की मंशा के अनुरूप, जिला प्रशासन नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सशक्त बना रहा है. इसी कड़ी में कलेक्टर अमित कुमार ने एक और संवदेनशील पहल करते हुए नक्सल पीड़ित परिवार के पात्र अभ्यर्थी श्री मड़काम रमेश को शासकीय सेवा का नियुक्ति पत्र सौंपा.

रमेश के जीवन में नई सुबह, बने पशु परिचारक

शासन की गाइडलाइंस के तहत पुनर्वास नीति के अंतर्गत रमेश को पशु चिकित्सा विभाग, सुकमा में चतुर्थ श्रेणी के पशु परिचारक के पद पर नियुक्त किया गया है. कलेक्टर कक्ष में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में कलेक्टर अमित कुमार ने रमेश को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. शासकीय नौकरी मिलने की खबर से रमेश के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है.

पुनर्वास नीति 2025 : सुरक्षा और सम्मान का संगम

राज्य शासन द्वारा जारी नई पुनर्वास नीति के तहत प्रभावित परिवारों को न केवल आर्थिक सहायता (नकद राशि) प्रदान की जा रही है, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका देने के लिए पात्रता अनुसार अनुकंपा नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है.

प्रशासन का संकल्प : “कोई न रहे पीछे”

कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन इस नीति का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, डॉ. संदीप इंदुरकर ने बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता की जांच के बाद त्वरित रूप से नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की गई. यह नियुक्ति न केवल एक परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अन्य युवाओं के मन में भी प्रशासन के प्रति विश्वास को और गहरा करेगी.

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