बीजापुर (डेस्क) – बीजापुर जिले में धान खरीदी व्यवस्था ठप होने की कगार पर पहुँच गई है. जिले के उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव नहीं होने के कारण भंडारण की समस्या विकराल हो गई है. इसे लेकर जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है और कलेक्टर को पत्र सौंपकर 9 जनवरी 2026 से अनिश्चितकालीन धान खरीदी बंद करने की चेतावनी दी है.

आंकड़ों में संकट : 97 % से ज्यादा धान केंद्रों में जाम

​कर्मचारी संघ द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जिले की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है:

कुल खरीदी : 5 जनवरी तक 30 केंद्रों में 48,842 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है.

नगण्य उठाव : अब तक केवल 1,084 मीट्रिक टन धान का ही उठाव हुआ है.

वस्तुस्थिति : कुल खरीदी का मात्र 2.22 प्रतिशत हिस्सा ही गोदामों तक पहुँचा है, जबकि 97.78 प्रतिशत धान अभी भी केंद्रों में खुले आसमान के नीचे या अस्थाई कैप में पड़ा है.

“जगह नही, तो खरीदी कैसे करें ?”

​संघ का कहना है कि उपार्जन केंद्रों में धान रखने की निर्धारित सीमा समाप्त हो चुकी है. केंद्रों में न तो नया स्टैक बनाने की जगह बची है और न ही अतिरिक्त भंडारण की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है. कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि पुराना स्टॉक नहीं हटता, तो नए धान की तौल करना शारीरिक और तकनीकी रूप से असंभव होगा.

​”हमने बार-बार प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन उठाव की गति अत्यंत धीमी है. यदि 9 तारीख तक समाधान नहीं हुआ, तो हमें मजबूरी में खरीदी रोकनी होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और विपणन विभाग की होगी.” —– जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ

प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

​कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों में स्पष्ट किया है कि:

● ​जिला विपणन अधिकारी (DMO) को तत्काल प्रभाव से धान उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए जाएं.

● ​बफर स्टॉक और संग्रहण केंद्रों में जगह सुनिश्चित की जाए.

किसानों की बढ़ी चिंता

​यदि 9 जनवरी से खरीदी बंद होती है, तो इसका सीधा असर उन हजारों किसानों पर पड़ेगा जो अपनी फसल लेकर केंद्रों पर पहुँचने की तैयारी में हैं. टोकन कटने के बावजूद खरीदी न होने से किसानों में आक्रोश पनप सकता है.

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