जगदलपुर (डेस्क) – छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के रिक्त पदों पर नियुक्तियों को लेकर सियासत गरमा गई है. बस्तर जिला युवा कांग्रेस (शहर व ग्रामीण) ने नियुक्तियों पर रोक को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर ‘तानाशाही’ का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया. युवा कांग्रेस के नेताओं ने बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिली, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा.

“तानाशाही की पराकाष्ठा पार चुकी है सरकार”

​प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष निकेत राज झा ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार तानाशाही की पराकाष्ठा को पार कर चुकी है. सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नियुक्तियों को जानबूझकर रोका जा रहा है. यह योग्य युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है.”

हाई कोर्ट के आदेश का हवाला 

​ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने 26 सितंबर 2025 को याचिका क्रमांक WPS 3052/2025 व अन्य पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट आदेश दिया था कि शिक्षक भर्ती 2023 की शेष प्रक्रिया को दो माह के भीतर पूर्ण किया जाए. युवा कांग्रेस का आरोप है कि कोर्ट द्वारा रास्ता साफ किए जाने के बाद भी शासन स्तर पर हीलाहवाली की जा रही है.

2300 पदों पर 1:3 के अनुपात में नियुक्ति की मांग

​ग्रामीण जिलाध्यक्ष अभिषेक डेविड ने कहा कि कई अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती सरकारी नौकरी का अंतिम अवसर है क्योंकि उनकी आयु सीमा समाप्त होने वाली है. युवा कांग्रेस ने मांग की है कि ​सहायक शिक्षक के सभी 2300 रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती शुरू हो. ​प्रक्रिया को 1:3 के अनुपात में पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जाए.

दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

ज्ञापन सौंपने के दौरान शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे. प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि उन हजारों बेरोजगार युवाओं की है जो दो साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed