जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे एक हाई-प्रोफाइल फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह ‘श्री गणेश सॉल्यूशन’ के नाम से पिछले दो साल से जनकपुरी, दिल्ली में अपना काला कारोबार चला रहा था.
ठगी का शिकार बना बस्तर का नागरिक
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बस्तर के कमलोचन कश्यप ने नगरनार थाने में शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित को बजाज एलियांज इंश्योरेंस की ‘फ्यूचर गेन’ पॉलिसी में निवेश के नाम पर झांसा दिया गया था. एजेंटों ने उन्हें 10 साल में रकम दोगुनी होने का लालच दिया और प्रोसेसिंग फीस व अन्य शुल्कों के नाम पर अलग-अलग किस्तों में लगभग 20 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली.
कैसे काम करता था यह गिरोह ?
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
डेटा की खरीद : मास्टरमाइंड ओमप्रकाश गुप्ता बीमा एजेंटों से पॉलिसी धारकों का डेटा मात्र 20 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से खरीदता था.
विशाल डेटाबेस : आरोपियों के पास से लाखों पॉलिसी धारकों का गोपनीय डेटा बरामद किया गया है.
तकनीकी जाल : यह गिरोह फर्जी सिम कार्ड, जीएसएम वायरलेस फोन और फर्जी बैंक खातों का उपयोग करता था ताकि पुलिस की पकड़ में न आए.
पुलिस की कार्रवाई
बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने बैंक खातों की जांच और तकनीकी विश्लेषण के जरिए दिल्ली के जनकपुरी में कॉल सेंटर को लोकेट किया. दिल्ली में रेकी करने के बाद पुलिस ने दबिश देकर मास्टरमाइंड सहित 5 आरोपियों को धर दबोचा.
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल
● ओमप्रकाश गुप्ता (28): मास्टरमाइंड, निवासी विकासनगर, दिल्ली.
● कु. दक्षा उर्फ नेहा (26): निवासी सीतपुरी, दिल्ली.
● कु. शिखा गुप्ता (22): निवासी नजफगढ़, दिल्ली.
● कु. खुशी (21): निवासी मंगोल पुरी, दिल्ली.
● कु. अंजली चौधरी (22): निवासी महावीर इंक्लेव, दिल्ली.
भारी मात्रा में सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी साजो-सामान जब्त किया है:
गैजेट्स : 06 एंड्रॉइड फोन, 03 आईफोन, 09 जीएसएम वायरलेस फोन और 01 एचपी लैपटॉप.
दस्तावेज : 02 रजिस्टर (लाखों पॉलिसी धारकों के डेटा के साथ) और कई एटीएम कार्ड.
अन्य : 01 टाटा टियागो कार, 01 एयरटेल फाइबर और 01 डीवीआर.
सावधान रहें, सुरक्षित रहें !
बस्तर पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर विश्वास न करें और प्रीमियम का भुगतान हमेशा कंपनी के कॉर्पोरेट अकाउंट में ही करें, किसी व्यक्तिगत खाते में नहीं.