जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर की राजनीति में आज उस वक्त उबाल आ गया जब शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने NMDC और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व बस्तर प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. राजीव भवन में आयोजित एक तीखी प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने साक्ष्यों के साथ NMDC पर अपने ‘चहेतों’ को फायदा पहुँचाने के लिए निविदा नियमों में धांधली करने और जनहित की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

NMDC पर ‘पसंदीदा’ कंपनी को लाभ पहुंचाने का आरोप

​शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि NMDC डिमरापाल स्थित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रच रहा है. सुशील मौर्य ने आरोप लगाया कि निविदा (टेंडर) की शर्तों में इस तरह के बदलाव किए गए हैं कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs) तकनीकी रूप से बाहर हो जाएं और केवल एक विशेष निजी कंपनी ही पात्र बचे. इस बदलाव के जरिए एक निजी संस्थान को सीधे तौर पर 300 करोड़ रुपये का फायदा पहुँचाने की तैयारी है. कांग्रेस ने एलान किया है कि इस भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से की जाएगी और जनता के हक की लड़ाई सड़क पर लड़ी जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि “प्रभारी मंत्री बस्तर आते तो हैं, लेकिन वे शासकीय विभागों की समीक्षा करने के बजाय चौक-चौराहों पर गप्पे लड़ाने में व्यस्त रहते हैं.

“​पंगु हुई स्वास्थ्य सुविधा, मंत्री उड़ा रहे सरकारी विमान”

​प्रेस वार्ता में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जावेद खान और महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद ने बस्तर के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने हाल ही में वायरल हुए उस वीडियो का जिक्र किया जिसमें एंबुलेंस न मिलने के कारण मरीज को चारपाई पर ढोया गया था. सुशील मौर्य ने कहा कि ‘प्रभारी मंत्री बस्तर आते तो है, लेकिन वे शासकीय विभागों की समीक्षा करने के बजाए चौक-चौराहों पर गप्पे लड़ाने में व्यस्त रहते है. उनके पास एक कथावाचक के लिए सरकारी विमान परोसने का समय है, लेकिन बस्तर के गरीब मरीजों के लिए एक एम्बुलेंस दिलाने की फुर्सत नही है.’

CSR फंड पर रोक से विकास कार्य ठप

​पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने NMDC की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से ग्राम पंचायतों के विकास के लिए मिलने वाला CSR फंड रोक दिया गया है. उन्होंने पूछा कि जो कार्य कांग्रेस सरकार के समय सुचारू रूप से चल रहे थे, उन्हें वर्तमान में किसके दबाव में रोका गया है? जैन ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल पंचायतों को उनका हक नहीं मिला, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा.

जमीनी हकीकत और राजनीतिक प्रभाव

​इस प्रेस वार्ता के माध्यम से कांग्रेस ने बस्तर में भाजपा सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है. स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और NMDC जैसे बड़े संस्थान में कथित भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर कांग्रेस आने वाले समय में बड़े जन-आंदोलन की जमीन तैयार कर रही है.

​प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से रेखचंद जैन, लता निषाद, अभिषेक नायडू, जाहिद हुसैन, निकेत राज झा और अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी पदाधिकारी उपस्थित रहे.

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