जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर की धरती पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का हथौड़ा चला है. प्रशासन ने एक ऐसे शातिर खेल को रंगे हाथों पकड़ा है, जिसने पूरे उपार्जन केंद्र में हड़कंप मचा दिया. किसान की आड़ में अपनी तिजोरी भरने वाले एक बड़े व्यापारी की साजिश को एसडीएम ने बेनकाब कर दिया है.

हैदराबाद में किसान, बस्तर में ‘भूतिया’ धान

​जांच में जो खुलासा हुआ है, वो होश उड़ाने वाला है. टोकन किसान उपेन्द्र भारती के नाम पर कटा था, लेकिन सच यह है कि उपेन्द्र यहाँ है ही नहीं. वह मीलों दूर हैदराबाद में नौकरी कर रहा है. उसकी जमीन पर खेती कर रहे भाई लखीधर के पास महज 100 क्विंटल धान था, लेकिन टोकन कटवा लिया गया 182 क्विंटल का. इसी 82 क्विंटल के ‘खाली गैप’ में सेंध मारी शातिर व्यापारी राजेश गुप्ता ने.

रंगे हाथों दबोचा गया व्यापारी का ‘काला माल’

​व्यापारी राजेश गुप्ता ने सोचा था कि वह प्रशासन की आंखों में धूल झोंक देगा. उसने मंडी से अपना धान दो ट्रकों (CG 17 KY 7204 और CG 17 KJ 9389) में लोड करवाया और ड्राइवरों के हाथ में किसान के टोकन की फोटोकॉपी थमा दी. उसे लगा था कि ‘किसान’ के नाम पर उसका अवैध धान खप जाएगा.

एसडीएम का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

​लेकिन पासा उल्टा पड़ गया. जैसे ही एसडीएम मनीष वर्मा औचक निरीक्षण पर पहुंचे, उनकी तीखी नजरों से यह फर्जीवाड़ा छिप नहीं सका. जब प्रशासन की टीम ने ड्राइवरों को घेरकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने सारा राज उगल दिया.

इलाके में दहशत, धान से भरे वाहन जब्त

​प्रशासन ने बिजली जैसी फुर्ती दिखाते हुए दोनों वाहनों को तत्काल जब्त कर करपावंड थाने के हवाले कर दिया है. कलेक्टर हरिस एस. के इस कड़े रुख से इलाके के बिचौलियों और फर्जीवाड़ा करने वाले व्यापारियों में भयंकर दहशत का माहौल है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed