सुकमा (नवीन कश्यप) – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने के प्रयास तेज हो गए हैं. इसी कड़ी में, सुकमा जिले के पेंटा उप स्वास्थ्य केंद्र में दो सदस्यीय राष्ट्रीय/राज्य स्तरीय मूल्यांकन दल ने NQAS (National Quality Assurance Standards) के तहत व्यापक निरीक्षण किया. इस मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और सेवाओं की गुणवत्ता का बारीकी से आकलन करना है.
विभिन्न विभागों का सूक्ष्म अवलोकन
निरीक्षण टीम ने अस्पताल के प्रबंधन से लेकर क्लिनिकल सेवाओं तक का गहन परीक्षण किया. टीम ने विशेष रूप से ओपीडी (OPD), आईपीडी (IPD), प्रसव कक्ष, प्रयोगशाला (Lab), और टीकाकरण कक्ष का भ्रमण किया. मूल्यांकनकर्ताओं ने दवाओं के स्टॉक, उपकरणों के रखरखाव, और संक्रमण नियंत्रण के लिए अपनाई जा रही ‘हैंड हाइजीन’ व नसबंदी प्रक्रियाओं की जांच की.
मरीजों से लिया सीधा फीडबैक

निरीक्षण की खास बात यह रही कि टीम ने केवल फाइलों तक सीमित न रहकर सीधे मरीजों और उनके परिजनों से संवाद किया. टीम ने मरीजों से पूछा कि क्या उन्हें समय पर दवाएं और जांच की सुविधा मिल रही है? साथ ही स्टाफ के व्यवहार और अस्पताल की स्वच्छता को लेकर भी फीडबैक लिया गया.
इन मानकों पर रहा विशेष जोर
संक्रमण नियंत्रण : बायो-मेडिकल वेस्ट (कचरा प्रबंधन) के निपटान की व्यवस्था.
दस्तावेजीकरण : मरीज रजिस्टर, लैब रिपोर्ट्स और स्टॉक रजिस्टर का भौतिक सत्यापन.
मरीज सुरक्षा : आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन.
सुझाव और भविष्य की राह

मूल्यांकन के बाद टीम ने कुछ व्यवस्थाओं पर संतोष जताया, वहीं सेवाओं को और अधिक ‘मरीज-केंद्रित’ बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए. टीम ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय प्रमाणन प्राप्त करने के लिए स्टाफ का नियमित प्रशिक्षण और मानकों का निरंतर पालन अनिवार्य है.
उप स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी का कथन :
”NQAS मूल्यांकन हमारी कमियों को सुधारने का एक बड़ा अवसर है. टीम द्वारा दिए गए सुझावों पर तत्काल अमल किया जाएगा. यदि केंद्र को यह राष्ट्रीय प्रमाणन मिलता है, तो क्षेत्र की जनता को और अधिक सुरक्षित और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलना सुनिश्चित होगा.”
क्या है NQAS ?
NQAS यानी नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स, भारत सरकार द्वारा निर्धारित वो मानक हैं जो सरकारी अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की संतुष्टि और सुरक्षित उपचार का पैमाना तय करते हैं.