जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर के रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मच गया है! श्रम विभाग ने जिले के कॉलोनाइजर्स के खिलाफ अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. अगर आपने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (BOC) का उपकर (Cess) दबा कर रखा है, तो सावधान हो जाइए—अब इसकी कीमत 24 प्रतिशत भारी ब्याज के साथ चुकानी होगी.
जेब खाली कर देगा ब्याज
श्रम विभाग ने साफ़ कर दिया है कि BOC उपकर अधिनियम 1996 की धारा-3 के तहत अब किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नियम इतने सख्त हैं कि:
● भुगतान में देरी होने पर 2% प्रति माह का दंड लगेगा.
● साल भर की देरी का मतलब है सीधे 24% का अतिरिक्त आर्थिक बोझ.
● प्रशासन अब मूकदर्शक नहीं रहेगा; बकाएदारों की संपत्ति और खातों पर राजस्व अधिनियम के तहत कानूनी चाबुक चलना तय है.
TNCP के साथ मिलकर बिछाया गया जाल
बचने का कोई रास्ता नहीं! श्रम विभाग ने नगर एवं ग्राम निवेश (TNCP) कार्यालय से हाथ मिला लिया है. जिले के एक-एक कॉलोनाइजर की कुंडली खंगाली जा रही है. दर्जनों कॉलोनाइजर्स को नोटिस थमा दिए गए हैं. बाकी बचे हुए लोगों की सूची तैयार है, जिन्हें जल्द ही विभाग का ‘अल्टीमेटम’ मिलने वाला है.
डिजिटल स्ट्राइक : अब बहानेबाजी नही चलेगी
विभाग ने भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन कर दिया है. अब कॉलोनाइजर्स को दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं, बल्कि सीधा ऑनलाइन पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in पर जाकर भुगतान करना होगा. लेकिन याद रहे, भुगतान के बाद रसीद श्रम कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है, वरना आपकी फाइल बंद नहीं मानी जाएगी.