​बस्तर में खनिज माफिया के ‘सिंडिकेट’ पर बड़ा प्रहार: प्रशासन की रेड से मचा हड़कंप, पोकलेन समेत 10 वाहन जब्त!

जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर में अवैध खनिज का काला कारोबार करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ शुरू कर दी है. कलेक्टर हरिस एस. के कड़े तेवरों के बाद खनिज विभाग ने दो दिनों तक चले विशेष अभियान में रेत और मुरम माफियाओं की कमर तोड़ दी है. विभागीय टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए मौके से एक पोकलेन मशीन और 9 मालवाहक वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा है.

आधी रात को दबिश, माफियाओं में भगदड़

​खनिज अधिकारी शिखर चेरपा के नेतृत्व में जांच दल ने 18 और 20 दिसंबर को जिले के गढ़िया, सोनारपाल, जगदलपुर और टिकरा लोहंगा में अचानक धावा बोला. जब माफिया चैन की नींद सो रहे थे, तब प्रशासन की टीम ने अवैध उत्खनन स्थलों की घेराबंदी कर दी.

बड़ी कामयाबी : पोकलेन और टिप्पर पुलिस के कब्जे में

​इस कार्रवाई की सबसे बड़ी मछली अवैध मुरम उत्खनन में लगी पोकलेन मशीन और भारी-भरकम टिप्पर रहे. इनके अलावा रेत के अवैध खेल में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी जब्त किया गया है.

क्या मिला : 01 पोकलेन, 01 टिप्पर और 08 ट्रैक्टर-ट्रॉली.

जुर्म : बिना किसी वैध दस्तावेज और ट्रांजिट पास के खनिज संपदा की सरेआम लूट.

कठोर धाराओं में केस दर्ज

​प्रशासन ने इस बार केवल वाहन जब्ती तक सीमित न रहकर सख्त कानूनी रुख अपनाया है. सभी दोषियों के खिलाफ ​छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 (नियम 71), ​खान एवं खनिज अधिनियम 1957 (धारा 21) के तहत मामला दर्ज किया गया है. अब इन वाहनों को छुड़ाना मालिकों के लिए लोहे के चने चबाने जैसा होगा.

टीम ‘एक्शन मोड’ में

​इस कार्रवाई में खनिज सिपाही डिकेश्वर खरे, श्री पचेयपन, नगर सैनिक अनंतराम कुंवर, चमनलाल बघेल और देवीराम बघेल ने जान जोखिम में डालकर माफियाओं को घेरा.

चेतावनी : खनिज विभाग ने जिले के सभी ठेकेदारों और परिवहनकर्ताओं को चेतावनी दी है कि बिना वैध अभिवहन पास के खनिजों का परिवहन एक दंडनीय अपराध है और भविष्य में भी अवैध परिवहनकर्ताओं पर इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी.

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